
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
भारत बायोटेक द्वारा निर्मित कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन लैंसेट स्टडी में 78% प्रभावी निकली है। मेडिकल जर्नल द लैंसेट के अध्ययन के अनुसार लक्षण दिखने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए कोवैक्सीन 78% तक असरदार है। देसी वैक्सीन कोवैक्सीन के तीसरे फेज के ट्रायल से मिले डाटा के आधार पर वैक्सीन को सुरक्षित बताया गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कोवैक्सीन न सिर्फ कोरोनावायरस बल्कि डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ भी 65.2% तक असरदार है। जबकि गंभीर सिम्टोमेटिक कोविड-19 के खिलाफ कोवैक्सीन 93.4 फीसदी असरदार है।
द लैंसेट द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि जब किसी व्यक्ति को कोवैक्सीन की दोनों खुराक लग जाती है तो उसके 2 सप्ताह बाद यह टीका एक मजबूत एंटीबॉडी रिस्पॉन्स उत्पन्न करता है। यहीं नहीं, मेडिकल जर्नल ने यह भी कहा है कि भारत में नवंबर 2020 और मई 2021 के बीच 24419 ऐसे वॉलंटियर्स को शामिल किया गया था जिनकी उम्र 18-97 साल की थी। ऐसे लोगों को जब कोवैक्सीन के ट्रायल के दौरान वैक्सीन दी गई तो मौत या कोई अन्य प्रतिकूल घटनाएं दर्ज नहीं हुई थी।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत की स्वदेशी कोरोना की वैक्सीन कोवैक्सीन (Covaxin) को आपातकालीन उपयोग की लिस्ट में शामिल कर दिया था। भारत बायोटेक लिमिटेड द्वारा निर्मित वैक्सीन को मिली मंजूरी देश के वैज्ञानिकों की बहुत बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। ऐसे में अब यह उम्मीद की जा सकती है कि भारत में कोरोना के खिलाफ जारी वैक्सीनेशन ड्राइव को और गति मिलेगी।