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Coronavirus Mask : कोरोनावायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस समय दुनिया भर के आंकड़े 2 करोड़ से अधिक पहुंच चुका है। वहीं, मरने वालों की संख्या 7 लाख तक हो गई है। कोरोना के इन मामलों को देखते हुए दुनियाभर के वैज्ञानिकों ने इस खतरनाक वायरस के लिए वैक्सीन बनाने में जुटे हुए हैं। इस समय 155 से भी ज्यादा वैक्सीन पर क्लीनिकल ट्रायल चल रहा है। इसमें से 5 संभावित वैक्सीन आखिरी चरण तक पहुंच भी चुके हैं। अब वैक्सीन कब आएगा इसे लेकर कुछ कहा नहीं जा सकता, लेकिन वैक्सीन आने के बाद भी हमें मास्क पहनना होगा (Coronavirus Mask) ये तय है। आइए जानते हैं क्यों?
समझने वाली बात यह है कि कोरोना वैक्सीन का विकास इस समय काफी जल्दबाजी (Coronavirus Mask) में किया जा रहा है, ताकि इसके बढ़ते प्रकोप को कम किया जा सके। इसलिए जरूरी नहीं है कि यह वैक्सीन शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में असरदार हो।
हां, यह हो सकता है कि इस वैक्सीन की मदद से मरीज का दोबारा कोरोना से संक्रमित होने की संभावना कम हो जाए। यहां तक कि वैक्सीन की मदद से कोरोना के लक्षणों को विकसित होने से रोका जाए, लेकिन यह पूरी तरह शरीर को सुरक्षा प्रदान कर सकता है या फिर पूरी तरह संक्रमण से मुक्त (Coronavirus Mask) कर सकता है। इस बारे में कहा नहीं जा सकता।
अभी जिस तरह के वैक्सीन तैयार किए जा रहे हैं, उसमें वैज्ञानिक कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने में कम से कम 60 से 70 प्रतिशत प्रभावकारिता प्रदान करने का लक्ष्य है।
साइन्स इंसाइडर में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, बेयलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन में वैक्सीन करने वाली मारिया एलेना बोट्टाजी ने कहा, " जैसे ही आपको वैक्सीन मिले, इसका मतलब ये नहीं है कि अब आप अपना मास्क कूड़े में फेंक सकते हैं। ऐसा नहीं होने वाला है। मुझे उम्मीद है कि लोग ये नहीं सोच कर बैठे हैं कि वैक्सीन जादुई तरीके से वायरस को खत्म कर देगी। इसका मतलब ये होगा, कि हमें एक बेहतर वैक्सीन बनाने के ज़रूरत है, जो कोरोना वायरस संक्रमण को पूरी तरह से ख़त्म करे। हालांकि, इसमें काफी वक्त लगेगा।"
वैक्सीन आने के बाद ऐसा बिल्कुल भी नहीं होगा कि हम पहले वाली जिंदगी खुलकर जी पाएंगे। वैक्सीन आने के बाद भी शारीरिक सुरक्षा और स्वच्छता का ख्याल रखना होगा। साथ ही मास्क भी पहनना जरूरी होगा, ताकि वैक्सीन प्रभावी ढंग से काम कर सके।
अब इस बात में कोई दो राय नहीं है कि कोरोनावायरस की वैक्सीन इंसानों के लिए फायदेमंद होगी। क्योंकि वैक्सीन ना होने से ये अच्छा है कि ऐसी वैक्सीन का होना, जो अपना काम 60 प्रतिशत तक पूरा करने में सक्षम है। इस तरह की वैक्सीन लगने से शरीर में हर्ड इम्यूनिटी बनने में हमें मदद मिल सकती है।