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ये दो देश पहुंचे कोराना वैक्सीन के अंतिम चरण में, ह्यूमन ट्रायल भी सफल।
Coronavirus vaccine update news: भारत के साथ ही कई देश ऐसे हैं, जो कोरोना वैक्सीन (Corona vaccine) के सफल क्लिनिकल ट्रायल की रेस में आगे हैं। इस समय देश में दो वैक्सीन पर ट्रायल चल रहा है। एक है ICMR-भारत बायोटेक की कोवैक्सिन (COVAXIN) और दूसरी अहमदाबाद की जाइडस कैडिला कंपनी (Zydus Cadila Healthcare Ltd) की वैक्सीन। पहले कोवैक्सिन का ट्रायल बंदर और खरगोशों पर किया गया था, जो सफल रहा था। उसके बाद इसका ट्रायल इंसानों पर भी शुरू हो चुका है। यदि सारे रिजल्ट सही रहे, तो 2021 की शुरुआत में कोरोना वैक्सीन (Coronavirus vaccine update news) आ सकती है। हालांकि, दुनिया की दो बेहतरीन कंपनियां इससे पहले ही फाइनल स्टेज में पहुंच चुकी हैं।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) द्वारा तैयार की गई कोरोना की वैक्सीन (oxford coronavirus vaccine trial) का पहला ह्यूमन ट्रायल भी सफल रहा है। इस पहले ह्यूमन ट्रायल (corona vaccine human trial) को भारतीय मूल के दीपक पालीवाल (Deepak Paliwal) पर किया गया, जो सफल रहा है। ट्रायल में कई अन्य वॉलंटियर्स भी शामिल थे, जिनमें वैक्सीन से वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित हुई है। ऑक्सफोर्ड के वैज्ञानिक द्वारा विकसित की गई वैक्सीन ChAdOx1 nCoV-19 (AZD1222) है। वैज्ञानिकों का कहना है कि सितंबर 2020 तक ये वैक्सीन (AZD1222 coronavirus vaccine) लोगों को उपलब्ध करा दी जाएगी। इस वैक्सीन (Coronavirus vaccine update news in hindi) का उत्पादन AstraZeneca करेगी।
जिस तेजी से कोरोना का प्रसार हो रहा है, उसमें हर किसी को सिर्फ एक वैक्सीन का इंतजार है। फिलहाल, 19 वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल किया जा चुका है, जिसमें सिर्फ दो अंतिम चरण III में पहुंचे हैं। चीन के सिनोफार्मा के अलावा एस्ट्राजेनेका (oxford/AstraZeneca covid-19 vaccine) और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा मिलकर तैयार की जा रही वैक्सीन है। ये दोनों कंपनियां बिल्कुल अहम पड़ाव तक पहुंच चुकी हैं। रूस की सेकनोफ यूनिवर्सिटी (Sechenov Medical University) ने भी दावा किया है कि वैक्सीन के लिए ह्यूमन ट्रायल में शामिल हुए वॉलेंटियर्स पर जब कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) का ह्यूमन ट्रायल (Human Trial) किया गया, तो उसके परिणाम सकारात्मक आए हैं।
खबर है कि भारत बायोटेक कंपनी (Bharat Biotech) के साथ मिलकर वैक्सीन (corona vaccine latest development) निर्माता कंपनी फ्लूजेन (FluGen) के वायरोलॉजिस्ट और यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन मैडिसन (University of Wisconsin Madison) कोरोनावायरस के खिलाफ एक ऐसी वैक्सीन तैयार कर रहे हैं, जिसे नाक के जरिए दिया जाएगा। इस वैक्सीन का नाम कोरोफ्लू (CoroFlu) है और इसका परीक्षण भी शुरू हो चुका है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कोरोनावायरस से बचने (Coronavirus treatment) के लिए इसके वैक्सीन को नाक (coronavirus vaccine through nose) में लगाया जा सकता है। दरअसल, नाक के जरिए ही कोरोनोवायरस और अन्य रोगाणु म्यूकोसा के जरिए शरीर में प्रवेश करते हैं, जो मुंह, नाक, फेफड़े, पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं। कुछ वायरस की प्रवृत्ति बिल्कुल अलग तरह की होती है। कोरोना की वैक्सीन (Coronavirus vaccine update in india) को जब नाक के जरिए दिया जाएगा, तो वायरस पर अटैक और जल्दी असर करेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, एक वायरल रोगजनक (viral pathogen) के खिलाफ पावरफुल म्यूकस प्रतिक्रियाएं कैसी होती हैं, यह जानने के लिए श्लेष्म संबंधी टीकों (mucous vaccines) को विकसित करना भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
रूस ने किया दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन बनाने का दावा, सफल हुआ ह्यूमन ट्रायल