कोरोना के संक्रमण को रोक सकती हैं पहले से मौजूद ये दो दवाएं, वैज्ञानिकों का दावा

इस अध्ययन में बताया गया है कि मौजूदा समय में दो ऐसी (Coronavirus Medicine ) दवाएं हैं, जो कोविड-19 के लिए जिम्मेदार सार्स-सीओवी-2 को मानव कोशिकाओं पर अटैक करने से रोकती हैं। इन दोनों दवाइयों का नाम है वैक्यूओलिन-1 (vacuolin-1) और एपिलिमोड (apilimod)।

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Written By: Kishori Mishra | Published : August 20, 2020 9:09 AM IST

Coronavirus Medicine : दुनियाभर में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। चीन से उत्पन्न हुए इस खतरनाक वायरस ने अबतक दो करोड़ से अधिक लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। वहीं, इस वायरस से अबतक 778,102 लोगों की मौत हो गई है। कोरोनावायरस के इलाज के लिए कई वैक्सीन (Coronavirus Medicine ) का ट्रायल किया जा रहा है।

इस बीच एक नया अध्ययन सामने आया है। इस अध्ययन में बताया गया है कि मौजूदा समय में दो ऐसी (Coronavirus Medicine ) दवाएं हैं, जो कोविड-19 के लिए जिम्मेदार सार्स-सीओवी-2 को मानव कोशिकाओं पर अटैक करने से रोकती हैं। इन दोनों दवाइयों का नाम है वैक्यूओलिन-1 (vacuolin-1) और एपिलिमोड (apilimod)। यह अध्ययन जर्नल पीएनएएस में प्रकाशित किया गया है। इस अध्ययन के मुताबिक, इन दवाओं को सालों पहले मूल रूप से विकसित किया गया था।

एंजाइम पिकफाइव काइनेज को करती हैं बेअसर 

खबरों के अनुसार,  वैक्यूओलिन-1 (vacuolin-1) और एपिलिमोड (apilimod) दवाएं एक बड़े एंजाइम पिकफाइव काइनेज को अपना निशाना बनाती हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस अध्ययन से पहले कोरोना के संक्रमण में इस एंजाइम की भूमिका के बारे में बहुत कम ज्ञान था। अध्ययनकर्ताओं ने कहा कि इस परीक्षण के दौरान प्रक्रिया को दोहराने की जरूरत है, जो यह संकेत देता है कि कोरोनावायरस के इलाज में यह संभावित पद्धति हो सकती है।

कोविड-19 की गंभीरता को करेगी कम

अध्ययन के लेखक और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के प्रोफेसर टॉमस किरछाउसेन ने कहा, 'हमारे अध्ययन से इंगित होता है कि सार्स-कोव-2 के खिलाफ इस काइनेज को विषाणु रोधी दवा से निशाना बनाना प्रभावी रणनीति हो सकती है और कोविड-19 की गंभीरता को कम करने में सहायक होगा।'

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किरछाउसेन ने कहा कि उन्होंने सीन व्हेलन प्रयोगशाला में कोशिका जीवविज्ञान पर अध्ययन किया है। आगे उन्होंने कहा, "एक सप्ताह के अंदर हमने पाया कि प्रयोगशाला में एपिलिमोड मानव कोशिका में सार्स-कोव-2 के संक्रमण से बचाती है।"

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