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भारतीय कंपनी की कोरोना वैक्सीन का एनिमल ट्रायल सेफ, अमेरीकी फार्मा के साथ हुई साझेदारी

भारतीय कंपनी की कोरोना वैक्सीन का एनिमल ट्रायल सेफ, अमेरीकी फार्मा के साथ हुई साझेदारी

इसकी वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) को जल्द से जल्द बनाने की होड़ चल रही है। इस होड़ में अमेरिका, चीन, ब्रिटेन और भारत जैसे देश शामिल हैं। इस बीच कोरोनावायरस  की (कोविड -19) वैक्सीन के विकास, निर्माण और वितरण के लिए नई दिल्ली स्थित बायोटेक्नोलॉजी कंपनी ने अमेरीकी कंपनी के साथ हिस्सेदारी की है।

Written by Kishori Mishra |Updated : June 11, 2020 12:53 PM IST

Coronavirus Vaccine : कोरोनावायरस की वैक्सीन को लेकर आए दिन नई-नई कंपनियां दावा कर रही हैं। वैक्सीन बनाने की तैयारी को लेकर दुनिया के कई देश जुटे हुए हैं। इसकी वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) को जल्द से जल्द बनाने की होड़ चल रही है। इस होड़ में अमेरिका, चीन, ब्रिटेन और भारत जैसे देश शामिल हैं। इस बीच कोरोनावायरस  की (कोविड -19) वैक्सीन के विकास, निर्माण और वितरण के लिए नई दिल्ली स्थित बायोटेक्नोलॉजी कंपनी Panacea Biotec ने अमेरिका स्थित रिफाना इंक के साथ साझेदारी की है।

इन दोनों कंपनियों के बीच इनएक्टिवेटेड वायरस बेस्ड वैक्सीन बनाने के उद्देश्य से साझेदारी हुई है।  पैनासिया बायोटेक कंपनी रेफाना के साथ मिलकर कोविड-19 के संभावित टीके (Coronavirus Vaccine) की 50 करोड़ से ज्यादा डोज बनाना चाहती है। इसमें 4 करोड़ डोज अगले साल तक तैयार करने का लक्ष्य है। दोनों कंपनियों की इस वैक्सीन पर 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी तय हुई है। पैनासिया बायोटेक कंपनी कोविड-19 के खिलाफ वैक्सीन के विकास, उत्पादन और वाणिज्यिक निर्माण पर काम कर रहा है।

एक चैनल से पैनासिया बायोटेक के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश जैन ने कहा, "हमने अवधारणा अध्ययन अमेरिका में प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट स्टडीज को पूरा कर लिया है और नतीजे Sars-CoV2 वायरस के तनाव के खिलाफ एक संभावित व्यापक क्षमता को बेअसर करने की क्षमता दिखाते हैं। इसका मतलब है कि अगर भविष्य में वायरस उत्परिवर्तित होता है, तो भी टीका प्रभावी होगा।"

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उन्होंने आगे कहा, "अगले चार सप्ताह में हम दिल्ली और पंजाब की अपनी प्रयोगशालाओं में इस वैक्सीन को विकसित करने जा रहे हैं और रेगुलेटरी टॉक्सिकोलॉजी स्टडी और पशु प्री क्लीनिकल स्टडी के बाद, हम अक्टूबर तक मानव परीक्षण के पहले चरण को शुरू करने की उम्मीद करते हैं। अगस्त तक, हम cGMP (वर्तमान अच्छी विनिर्माण प्रथाओं) प्रक्रिया शुरू करेंगे ताकि हम अक्टूबर में परीक्षण शुरू कर सकें और उसके बाद चरण 3 के ट्रायल को बड़े पैमाने पर कर सकें।"

बता दें कि भारतीय कंपनी की योजना है कि वे अक्टूबर में ह्यूमन ट्रायल का फेस-1 स्टार्ट कर दें। इसके साथ ही वे वैक्सीन का प्रोडक्शन भी शुरू कर देगी।  दिसंबर- 2020 और जनवरी- 2021 में हर हाल में 40 मिलियन वैक्सीन का डोज तैयार करने का लक्ष्य बनाया गया है।

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