
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 9, 2020 11:46 AM IST
ऑक्सफोर्ड वैक्सीन का ट्रायल रोका गया, ब्रिटेन में टीका लेने वाला व्यक्ति बीमार, जानें कितनी सेफ है यह वैक्सीन
Coronavirus Vaccine: कोविड-19 इंफेक्शन की वैक्सीन का इंतज़ार पूरी दुनिया में किया जा रहा है। कुछ महीनों से ऐसी उम्मीद जगी थी कि जल्द ही कोरोना वायरस महामारी का मुकाबला करने के लिए वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) तैयार कर ली जाएगा। लेकिन, इस उम्मीद और कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने की दिशा में की जा रही कोशिशों में जल्द सफलता मिलना थोड़ा मुश्किल लग रहा है। दरअसल, कोरोना वायरस वैक्सीन के सबसे प्रबल दावेदारों में से एक ऑक्सफर्ड की वैक्सीन एस्ट्राजेनेका ( AZD1222) के फाइनल फेज के ट्रायल को रोक दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, ह्यूमन ट्रायल्स के दौरान एक व्यक्ति को यह टीका लगाया गया था, जिसकी तबियत बिगड़ गयी है। इस वॉलिंटियर के शरीर में गम्भीर साइड-इफेक्ट्स देखने को मिले हैं और इसी के चलते ट्रायल को रोक दिया गया है। (Oxford Covid-19 Vaccine Update)
ऐसी जानकारी मिली है कि ब्रिटेन में ऑक्सफोर्ड कोविड-19 वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल के दौरान इस व्यक्ति को यह टीका लगाया गया था। गौरतलब है कि यह वैक्सीन ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने ब्रिटिश-स्वीडिश कंपनी एस्ट्राजेनिका के साथ मिलकर तैयार किया है। इस वैक्सीन को दुनियाभर में कोरोना वायरस के इलाज के तौर पर बड़ी उम्मीद के साथ देखा जा रहा था। यहां तक कि भारत में भी इस टीके के ट्रायल आरंभ हो चुके थे। ब्रिटेन में एक व्यक्ति को यह वैक्सीन लगाने के बाद साइड-इफेक्ट्स दिखायी पड़े। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती भी कराना पड़ा। (Oxford Vaccine Update)
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही ब्रिटेन के हेल्थ मिनिस्टर मैट हैकांक ने बयान दिया था कि उन्हें उम्मीद है कि साल 2021 की पहली तिमाही तक ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन ( (Oxford Vaccine) आ जाएगी। इस वैक्सीन के प्रबल दावेदार होने के कारण दुनिया के कई देशों से वैक्सीन की भारी खेप की मांग की जाने लगी, जिसमें भारत की तरफ से भी ऑर्डर दिए जा रहे थे। ब्रिटेन में ट्रायल्स के दौरान साइड-इफेक्ट्स दिखायी देने और व्यक्ति के बीमार होने पर कम्पनी द्वारा कहा गया है कि, यह एक साधारण स्थिति है। अब वॉलिंटियर के बीमार पड़ने की वजहों की जांच-पड़ताल की जाएगी और इस टीके की सेफ्टी सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य भी किया जाएगा।
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