Coronavirus Vaccine : ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University) और एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) द्वारा तैयार की गई कोरोनावायरस वैक्सीन पहली ऐसी वैक्सीन है, जिसका फाइनल क्लीनिकल टेस्ट होने जा रहा है। अब इस पर यह प्रयोग करना बाकी है कि यह वैक्सीन कोरोनावायरस के संक्रमण से किस हद तक बचाने में (Coronavirus Vaccine) कारगर है। बता दें कि दिसंबर के अंत से अबतक विश्व स्तर पर कोरोनावायरस से 9.4 मिलियन लोग कोविड-19 से संक्रमित हो चुके हैं। वहीं, इस वायरस की वजह से 480,000 लोगों की मौत हो चुकी है।
ChAdOx1 nCoV-19 वैक्सीन को एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) का लाइसेंस दिया गया है। इस वैक्सीन के अगले चरण में ब्रिटेन के 10,260 वयस्कों और बच्चों को वैक्सीन दी जाएगी। भारत सहित अन्य निम्न-मध्यम आय वाले देशों के लिए एक अरब खुराक तैयार (Coronavirus Vaccine) किया जा रहा है। इसमें भारत के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने $100 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश किया है। यह टीका (Coronavirus Vaccine) दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील में लगाया जा रहा है।
Also Read
कैसे तैयार किया गया यह वैक्सीन
कोरोना वायरस की इस वैक्सीन को ChAdOx1 वायरस से बनाया गया है। यह एक सामान्य कोल्ड वायरस (एडेनोवायरस) का कमजोर वर्जन है। यह वायरस चिंपांजी में संक्रमण का कारण बनता है। इस वायरस को आनुवंशिक रूप से बदल दिया गया है। इस कारण यह इंसानों में संक्रमण का कारण नहीं बन सकता है।
Covid-19 Treatment: दिल्ली के निजी अस्पतालों में कोरोना मरीजों का इलाज हुआ सस्ता, देखें नई दरें
ऑक्सफोर्ड के प्रमुख प्रोफेसर एंड्रयू पोलार्ड ने इस बारे में कहा, "क्लीनिकल अध्ययन बहुत अच्छी तरह से प्रगति कर रहा हैं और हम अब यह मूल्यांकन करने के लिए अध्ययन शुरू कर रहे हैं कि वैक्सीन बुजुर्गों में प्रतिरक्षा प्रतिक्रियाओं को कितनी अच्छी तरह से प्रेरित करता है, और यह परीक्षण करने के लिए कि क्या यह व्यापक आबादी में सुरक्षा प्रदान कर सकता है"।
भारत में अब फेवीपिरवीर ड्रग से होगा कोरोनावायरस के मरीजों का इलाज, डीसीजीआई ने दी मंजूरी
कहा जा रहा है कि अगर इसका फाइनल ट्रायल सफल (Coronavirus Vaccine) हो गया, तो साल के अंत तक कोविड-19 वैक्सीन को लॉन्च कर दिया जाएगा।
Coronavirus and Brain : मस्तिष्क के इस भाग को प्रभावित कर रहा है कोरोनावायरस