डब्ल्यूएचओ ने कहा, कोरोना महामारी को खत्म करना है तो कोविड वैक्सीन को ग्लोबल सार्वजनिक उत्पाद बनाना होगा

विश्व स्वास्थ्य संगठन के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अभी दुनिया में कोरोनावायरस के 140 से अधिक टीकों का अनुसंधान हो रहा है, जिनमें 28 का क्लिनिकल परीक्षण शुरू हो चुका है। इन 28 टीकों में 6 का क्लिनिकल परीक्षण अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है। कहा जा सकता है कि कोरोनावायरस के टीके का अनुसंधान सरपट दौड़ रहा है।

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Written By: Anshumala | Published : August 17, 2020 2:04 PM IST

Coronavirus vaccine latest update: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, अभी दुनिया में कोरोनावायरस के 140 से अधिक टीकों का अनुसंधान हो रहा है, जिनमें 28 का क्लिनिकल परीक्षण (covid-19 vaccine clinical trials) शुरू हो चुका है। इन 28 टीकों में 6 का क्लिनिकल परीक्षण अंतिम चरण में प्रवेश कर चुका है। कहा जा सकता है कि कोरोनावायरस के टीके का अनुसंधान सरपट दौड़ रहा है। अब क्लिनिकल परीक्षण (clinical trials) में तमाम उपलब्धियां हासिल हो रही हैं। रूस ने स्पुतनिक-वी (Sputnik-V) नामक टीके का उत्पादन पूरा किया, जो दुनिया में पहली कोरोनावायरस वैक्सीन (Corona vaccine) है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने हाल में कहा कि उनकी बेटी ने यह टीका लगाया है।

रूसी वैक्सीन स्पूतनिक-वी की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवाल

डब्ल्यूएचओ ने कहा कि अब इस टीके की विश्वसनीयता साबित नहीं हुई है। इसके बावजूद करीब 20 देश स्पुतनिक-5 वैक्सीन ('Sputnik-5 vaccine) का इंतजार कर रहे हैं या इसके उत्पादन और बिक्री में सहयोग करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में आशा जताई कि रूस का टीका कारगर होगा। अमेरिका भी शीघ्र ही अपना टीका लॉन्च करेगा।

भारत में भी कोरोना के टीके परीक्षणों की दौड़ में शामिल

उधर, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कहा कि भारत के तीन टीके भिन्न-भिन्न परीक्षणों में प्रवेश हो चुके हैं। विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों द्वारा इसकी सुरक्षा साबित करने पर ये टीके (Coronavirus vaccine latest update in hindi) बाजार में आएंगे।

चीनी कोरोना टीके को भी मिला पेटेंट राइट

चीन की दृष्टि से देखा जाए, तो चीनी सैन्य विज्ञान अकादमी के बायोइंजिनियरी संस्थान और चीनी कंपनी केसिनो बायोलॉजिक्स द्वारा संयुक्त रूप से विकसित टीके को पेटेंट राइट मिल चुका है। यह चीन का पहला कोरोनावायरस टीके का एकाधिकार है। इसके पहले और दूसरे क्लिनिकल परीक्षण में टीके की सुरक्षा और कारगरता साबित हुई है। अब चीनी टीके के तीसरे चरण का क्लिनिकल परीक्षण हो रहा है।

वहीं चीनी राष्ट्रीय औषधि समूह निगम के वुहान जैविक उत्पाद संस्थान और चीनी विज्ञान अकादमी के वुहान वायरस अनुसंधान संस्थान द्वारा संयुक्त रूप से विकसित टीके की सुरक्षा और कारगरता भी साबित हो चुकी है। आशा है कि चीन के टीके इस साल के अंत में या अगले साल के शुरू में बाजार में मिलेंगे।

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