
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : November 8, 2020 5:32 PM IST
Coronavirus Vaccine in India: कोरोना वायरस वैक्सीन का इंतज़ार बेसब्री से हो रहा है और भारत में जल्द ही कोरोना वायरस का टीका आने की उम्मीद भी की जा रही है। कोविड वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) से जुड़ी खबरें और दावे नित दिन किए जा रहे हैं और अब बहुत हद तक इस दिशा में कामयाबी मिलने की भी उम्मीद देश के एक्सपर्ट्स ने भी जतायी है। लेकिन, इस बीच एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया (Randeep Guleria) ने देश में कोरोना वैक्सीन से जुड़ा एक बड़ा बयान दिया है। डॉक्टर गुलेरिया ने कहा है कि भारत के आम नागरिकों के लिए कोविड वैक्सीन उपलब्ध होने में एक साल से अधिक का वक़्त लग सकता है। (Coronavirus Vaccine in India)
एम्स (AIIMS) के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि, अगर भारत में कोरोना वायरस की वैक्सीन (Coronavirus Vaccine in India) जल्द तैयार भी हो जाती है, तब भी ऐसी संभावना नहीं है कि सामान्य नागरिकों तक यह वैक्सीन साल 2022 से पहले पहुंच सकेगी। मीडिया से बात करते हुए, डॉक्टर गुलेरिया ने बताया कि, देश के आम नागरिकों तक साल 2022 से पहले तक कोविड वैक्सीन उपलब्ध होने की कोई संभावना नहीं है। (Covid-19 Vaccine in India)
गौरतलब है कि रणदीप गुलेरिया देश में कोरोना महामारी के मैनेजमेंट के लिए विशेष तौर पर गठित नेशनल टास्क फोर्स (Indian National Task Force for Covid-19 Management) का भी हिस्सा हैं। कोविड-19 के टीके के बारे में चर्चा करते हुए गुलेरिया ने कहा कि, घरेलू बाज़ारों में कोरोना वायरस की वैक्सीन आने में कम से कम एक साल का वक़्त लग सकता है।
डॉ. गुलेरिया ने आगे कहा कि, हमारे देश में जनसंख्या अधिक है। ऐसे में सभी लोगों के लिए इस वैक्सीन को उपलब्ध करा पाने में एक साल तक का समय लग सकता है। साथ ही इस बात पर भी ध्यान देना होगा इस दवाई की हैंडलिंग और रखरखाव आसान हो ताकि, साधारण फ्लू की वैक्सीन की तरह ही लोग इसे खरीदकर घर ले सकें।
कोविड-19 का टीका आने के बाद देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या होगी , इस बारे में डॉ. गुलेरिया ने कहा कि, डिस्ट्रिब्यूशन पर सबसे अधिक ध्यान देना होगा ताकि, देश के हर नागरिक तक इस दवाई को पहुंचाया जा सके। इसी तरह, कोल्ड चेन स्टोरेज़, आवश्यक तादाद में सीरिंज और सुइयों का उत्पादन के अलावा इस टीके की समय पर सप्लाई जैसी बातों पर हमें ध्यान देना होगा। ताकि देश में टीकाकरण का कार्यक्रम सुचारू रूप से आगे बढ़ाया जा सके।