
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की AZD1222 वैक्सीन का मानव ट्रायल हुआ सफल
कोरोना वैक्सीन पर काम कर रही ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के हाथ बड़ी सफलता लगी है। वैक्सीन के पहले क्लीनिकल ट्रायल में अच्छे नतीजे सामने आए हैं। सोमवार को मेडिकल जर्नल द लैंसेट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, यह वैक्सीन कोरोना से लड़ने में पूरी तरह सक्षम, असरदार और सुरक्षित है। कहा गया है कि ये वैक्सीन बॉडी में वाइट ब्लड सेल्स को बढ़ावा देगी और इससे इम्युन सिस्टम भी मजबूत होगा। इस जानकारी के बाद ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन फ्रंटरनर वैक्सीन की लिस्ट में आगे आ गई है। हालांकि अभी तक ऐसी कोई ऑफिशियल घोषणा नहीं हुई है कि ये वैक्सीन कोरोना से लड़ने में पूरी तरह पर्याप्त है या नहीं है। हालांकि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से किए गए ट्वीट में यह जरूर कहा गया है कि AZD1222 नामक वैक्सीन इम्युन सिस्टम को मजबूत करने में कारगार है।
ऑक्सफोर्ड के इस ट्रायल में कुल 1,077 लोग शामिल थे। एक्सपेरिमेंट में बता चला कि उनमें एंटीबॉडीज और टी-सेल का निर्माण हुआ, जो कोरोना वायरस से लड़ सकते हैं। हालांकि रिपोर्ट में यह भी साफ हुआ है कि वैक्सीन के बहुत हल्के साइड इफेक्ट्स भी हैं, लेकिन उनके कोई गंभीर परिणाम नहीं होंगे। ऐसे इफेक्ट्स को पैरासिटामॉल जैसी दवा लेकर खत्म किया जा सकता है। वैक्सीन के अन्य साइड इफेक्ट में सिर दर्द और चक्कर आना भी देखे गए हैं।
हालांकि अभी इस वैक्सीन का बडे पैमाने पर ट्रायल होना बाकी है। ब्रिटेन ने पहले ही वैक्सीन की 10 करोड़ डोज सुरक्षित कर ली हैं। वहीं, भारत में भी इस वैक्सीन का उत्पादन पर जोरो शोरो से काम शुरू हो गया है। भारत में इस वैक्सीन के उत्पादन का जिम्मा पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को मिला है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो उम्मीद जताई जा रही है कि वैक्सीन सिंतबर तक लॉन्च हो सकती है।
दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन निर्माता, जो ऑक्सफोर्ड के शोधकर्ताओं की भागीदारी कर रहे हैं, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के प्रमुख अदार पूनावाला ने कहा कि परीक्षणों ने "आशाजनक परिणाम दिखाए हैं और हम इससे बेहद खुश हैं"। उन्होंने आगे कहा "हम एक सप्ताह के समय में भारतीय नियामक को लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदन करेंगे। जैसे ही वे हमें अनुमति देते हैं, हम भारत में वैक्सीन के परीक्षणों पर काम शुरू करेंगे। इसके अलावा, हम जल्द ही वैक्सीन का निर्माण बड़े पैमाने पर शुरू करने पर विचार कर रहे हैं।"