Coronavirus Vaccine : कोरोना वैक्सीन की खोज के लिए अमेरिकी वैज्ञानिक ने अपनाया नया तरीका

कोरोनावायरस महामारी ने पूरी दुनिया में कहर मचा रखा है। इस खतरनाक वायरस से बचने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक दवाइयों और वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) की खोज में जुटे हुए हैं। इसी बीच अमेरिकी वैज्ञानिकों ने एक उम्मीद की किरण जगाई है। आइए जानते हैं क्या है लक्ष्य तैयार किया है अमेरिका के वैज्ञानिकों ने-

WrittenBy

Written By: Kishori Mishra | Published : June 10, 2020 10:46 AM IST

Coronavirus Vaccine : कोरोनावायरस का प्रकोप पूरी दुनिया में लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इस खतरनाक वायरस की दवा को खोजने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक प्रयास कर रहे हैं। अबतक कई वैज्ञानिक और दवाई बनाने वाली कंपनियों द्वारा वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) बनाने के दावे किए जा चुके है। इसी कवायद के बीच अमेरिकी कैंसर रिसर्चर्स ने कोरोनावायरस की वैक्सीन को तैयार करने के लिए ऐसे नए लक्ष्य की पहचान की है। इससे कोरोना वायरस की काट को खोजने में मदद मिल सकती है।

सेल रिपो‌र्ट्स मेडिसिन पत्रिका में छपे अध्ययन के मुताबिक,  शोधकर्ताओं ने कोरोनावायरस का कारण बनने वाले सार्स-कोवी-2 वायरस के प्रोटीन का सीक्वेंस की पहचान के लिए कैंसर इम्युनोथेरेपी में इस्तेमाल होने वाले टूल का उपयोग किया है। बताया जा रहा है कि इस नए लक्ष्य की पहचान होने के बाद कोरोनावयरस को (Coronavirus Vaccine) साधा जा सकता है।

लंबे समय तक बनी रहेगी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया

अमेरिका के चिल्ड्रेंस हॉस्पिटल ऑफ फिलाडेल्फिया (सीएचओपी) के रिसर्चर्स का मानना है कि इस थेरेपी से प्राप्त होने वाले निष्कर्ष के आधार पर तैयार होने वाली वैक्सीन से ज्यादा सही और उचित रिजल्ट दे सकती है। इससे प्राप्त होने वाली वैक्सीन मानव जाति को काफी लंबे समय तक सुरक्षा मुहैया कराएगी। इससे इंसानों में लंबे समय तक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया बनी रहेगी।

कैंसर कई मायने में एक वायरस की तरह करता है बर्ताव

इस बारे में अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता और सीएचओपी के कैंसर सेंटर में बाल रोग विशेषज्ञ जॉन एम मैरिस ने कहा, "कैंसर कई मायने में वायरस की तरह ही बर्ताव करता है। इसलिए हमारी टीम ने बचपन में होने वाले कैंसर के अहम पहलुओं की पहचान के लिए विकसित किए गए टूल का इस वायरस के लिए उपयोग का निर्णय लिया। हमने सार्स-कोवी-2 वायरस को साधने में सही प्रोटीन सीक्वेंस की पहचान के लिए इन्हीं टूल्स के लिए आवेदन किया है।'  उन्होंने आगे कहा, "हमारा मानना है कि हमारे प्रयास से एक ऐसी वैक्सीन की राह मुहैया हो सकती है, जो सुरक्षित और प्रभावी हो सकती है।"

बता दें कि कोरोनावायरस के मामले पूरी दुनिया में लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अबतक करीब 71 लाख से अधिक लोग कोरोनावायरस (COVID-19) से संक्रमित हो चुके हैं। वहीं, पूरी दुनिया में 4 लाख से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। इस वायरस से सबसे अधिक अमेरिका प्रभावित हुआ है।

अगले कुछ महीनों तक और भी बिगड़ेंगे कोरोनावायरस से हालात, WHO के प्रमुख का बयान

CM kejriwal Corona Report : दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ली राहत की सांस, नहीं है उन्हें कोरोना, रिपार्ट आई नेगेटिव

अध्ययन में खुलासा, हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दिल की धड़कनों को कर सकती है अनियमित, जानें इस दवा के अन्य साइड एफेक्ट्स

Diabetes and Coronavirus: टाइप 2 डायबिटीज मरीजों के लिए बेहद खतरनाक है कोरोना, इन कारणों से हो सकती है 7 दिनों में मौत

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source