क्या कोविड-19 में एलोपैथी की बजाय आयुर्वेदिक इलाज हैं बेहतर? जानें क्या कहती है रिसर्च

एक रिपोर्ट के अनुसार, जिन कोविड-19 मरीज़ों को प्राकृतिक उपचार मिल रहा है, उनमें एलोपैथी दवाएं लेने वाले मरीज़ों की तुलना में संक्रमण के लक्षण जल्दी कम हो रहे हैं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 30, 2020 12:48 PM IST

Coronavirus Treatment:  कोरोना वायरस से मरने वालों का वैश्विक आंकडा 10 लाख से अधिक हो गया है। जबकि,दुनियाभर में इस महामारी की चपेट में आने वाले लोगों की संख्या 3 करोड़ से अधिक है। अब भी करोड़ों लोगों का इलाज चल रहा है और इन लोगों की जान बचाने के लिए डॉक्टर्स दिन रात प्रयास कर रहे हैं। इसी बीच एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एलोपैथी की तुलना में नैचुरल तरीकों से कोविड-19 का उपचार कराने वाले लोगों में बेहतर और तेज़ी से ठीक होने जैसे रिज़ल्ट्स दिखायी दे रहे हैं।

इस रिपोर्ट के अनुसार, जिन कोविड-19 मरीज़ों को प्राकृतिक उपचार मिल रहा है, उनमें एलोपैथी दवाएं लेने वाले मरीज़ों की तुलना में संक्रमण के लक्षण जल्दी कम हो रहे हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार, प्राकृतिक चिकित्सा ले रहे कोविड-19 मरीज़ों में  सी रिएक्टिव प्रोटीन ( C reactive protein), प्रोकैलक्लिटोनिन ( Procalcitonin),  और आरटी-पीसीआर (RT-PCR) जैसी टेस्टिंiग्स के रिज़ल्ट्स में भी 20 से 60 फीसदी बेहतर परिणाम देखने को मिले।

क्या कोविड-19 में एलोपैथी की बजाय नैचुरल इलाज है बेहतर?

यह रिपोर्ट यह दावा भी करती है कि पारंपरिक प्रोटोकॉल के अंतर्गत 60 फीसदी मरीज़ों का टेस्ट 5 दिनों बाद ही निगेटिव आया। जबकि, 10 दिन बाद बाकी मरीज़ों का टेस्ट रिज़ल्ट नेगेटिव पाया गया।  बता दें कि, देश के 3 बड़े हॉस्पिटल्स में इस तरीके की ट्रीटमेंट्स पर रिसर्च चल रहा है। जहां, क्लिनिकल ट्रायल्स के दौरान नैचुरल तरीकों से कोविड-19 के इलाज के प्रभाव को समझने की कोशिश की जा रही है।

भारत में कोरोना के कुल मामले 62 लाख के पार

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोनावायरस के 80,472 नए मामले और 1,179 नई मौतें दर्ज हुई, जिसके बाद कुल मामलों की संख्या 62,25,763 हो गई और मौतों का आंकड़ा 97,497 तक पहुंच गया। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को ये आंकड़े जारी किए। कुल मामलों में से 9,40,441 मामले फिलहाल सक्रिय हैं और अभी तक 51,87,825 मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।

  • हेल्थ मिनिस्ट्री द्वारा जारी डेटा के मुताबिक, देश में इस बीमारी की रिकवरी रेट 83.33 फीसदी हो गई है और मृत्यु दर 1.57 फीसदी पर आ गई है।
  • महाराष्ट्र अभी भी कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य बना हुआ है। यहां अब तक 13,66,129 मामले दर्ज हुए हैं जबकि 36,181 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद नंबर आता है आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक का।
  • इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के मुताबिक, भारत ने मंगलवार को कोविड-19 के 10,86,688 नमूनों की जांच की, जिसके बाद कुल नमूनों की जांच की संख्या 7,41,96,729 हो गई है।
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