Coronavirus Test : कोरोनावायरस टेस्ट पर शोधकर्ताओं ने कहा, जांच कराने में जल्दबाजी दिखाई तो गलत आ सकती है रिपोर्ट

Coronavirus Test Result: एक नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि कोरोना से संबंधित शुरुआती लक्षण नजर आने पर जांच में जल्दबाजी की जाए, तो नतीजे नेगेटिव भी आ सकते हैं। जांच का रिजल्ट नेगेटिव आने पर व्यक्ति निश्चिंत हो जाता है कि उसे कोरोना नहीं है, लेकिन हकीकत में वह व्यक्ति संक्रमित होता है। इस तरह से वह दूसरों को भी संक्रमित कर सकता है।

WrittenBy

Written By: Anshumala | Updated : June 12, 2020 11:13 AM IST

Coronavirus Test Result: कोरोनावायरस की जांच (Coronavirus Test) से संबंधित एक नया अध्ययन सामने आया है। इस अध्ययन में कहा गया है कि कोरोनावायरस के लक्षण (Coronavirus symptoms) दिखाई देने के तीन दिन बाद जांच कराने से टेस्ट का परिणाम बिल्कुल सही आता है। यदि किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण नजर आते हैं, तो उसे जांच के लिए जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। यह अध्ययन प्रत्रिका ऐनल्ज ऑफ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित की गई है। इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि कोरोना से संक्रमित होने पर शुरुआती स्तर पर जांच (study on Coronavirus Test Result) की जाए, तो शायद नतीजे नेगेटिव भी आ सकते हैं। जांच का रिजल्ट (Coronavirus Test Result) नेगेटिव आने पर व्यक्ति निश्चिंत हो जाता है कि उसे कोरोना नहीं है, लेकिन हकीकत में वह व्यक्ति संक्रमित होता है। इस तरह से वह दूसरों को भी संक्रमित कर सकता है।

शोधकर्ताओं ने कहा है कि बेहतर होगा कि कोरोना से मिलते-जुलते लक्षण जब नजर आएं, को उसके तीन से चार दिन बाद ही जांच (corona test) करवाएं। यह अध्ययन अमेरिका के जॉन्स हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया है। इस बात को साबित करने के लिए उन्होंने हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों के मुंह के लार के नमूनों के जरिए एक विश्लेषण किया। इसके लिए कुल 1,330 नमूने लिए गए।

अध्ययन के सह-लेखक लॉरेन कुसिर्का के अनुसार, व्यक्ति में कोरोना के लक्षण नजर आएं या ना आएं (Asymptomatic coronavirus), लेकिन जांच करवाने पर यदि वह व्यक्ति संक्रमित नहीं पाया जाता है, तो ऐसा बिल्कुल नहीं मानना चाहिए कि वह कोरोनावायरस से संक्रमित (Coronavirus infection) नहीं है। इससे लोग ये सोच लेते हैं कि उनकी जांच की रिपोर्ट (coronavirus test result in hindi) बिल्कुल सही है, पर दूसरों के लिए यह खतरनाक साबित हो सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, ऐसे में खासकर हॉस्पिटल में चेकअप कराने के लिए आने वाले लोगों की जांच करनी चाहिए। खासकर, उन लोगों का टेस्ट होना चाहिए, जिनमें कोरोना के शुरुआती लक्षण नजर आ रहे हैं। जब खांसी, बुखार, सर्दी-जुकाम के लक्षण नजर आते हैं, तो तीन दिनों के बाद जांच करवाने से रिपोर्ट सही आने की संभावना बढ़ जाती है।

आठ दिनों बाद कराएं कोरोना टेस्ट

आंकड़ों के आधार पर शोधकर्ताओं का कहना है कि संक्रमित होने के तीन से चार दिन बाद कोरोना की जांच की जाए, तो इसमें 67 % लोगों के रिजल्ट सही नहीं आते हैं। सिर्फ 33 प्रतिशत लोगों के ही संक्रमित होने की बात सामने आती है। भले ही ये 67 प्रतिशत लोग भी कोरोना से संक्रमित हों। शोधकर्ताओं ने कोरोनावायरस संक्रमण की जांच कराने का सबसे सही समय कोरोना के लक्षण नजर आने के 8 दिन बाद बताया है।

Coronavirus Infection: शरीर का यह एक अंग कोरोनावायरस के संपर्क में आया, तो आप हो जाएंगे संक्रमित

सब्जी और फलों के माध्यम से आपके घरों में घुस सकता है कोरोनावायरस, इस तरह रखें परिवार को सुरक्षित

बाबा रामदेव का दावा, गिलोय और अश्वगंधा से हो सकता है कोरोनावायरस का सफल उपचार, जल्द उपलब्ध होगी यह देसी दवाई

Covid-19 Resurgence: कुछ सप्ताह बाद आ सकती है कोरोना वायरस की दूसरी लहर, एक्सपर्ट्स ने किया दावा

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source