रिपोर्ट में हुआ खुलासा, चीन से नहीं स्पेन से फैला कोरोनावायरस

एक चौंकाने वाले शोध से पता लगा है कि कोरोना महामारी का शुरुआती स्थल वूहान शहर न होकर यूरोपीय देश स्पेन का कोई इलाका है।

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Written By: Anshumala | Updated : July 7, 2020 12:32 PM IST

पहले सामने आई कई रिपोर्ट्स में कहा गया था कि वूहान (चीन) शहर मुख्य केंद्र है घातक कोरोनावायरस के प्रसार (coronavirus Spread) का, लेकिन अब एक नए रिपोर्ट में कोरोना के प्रसार को लेकर कुछ और भी बात सामने आई है। हालिया कुछ रिपोर्ट्स कहती हैं कि वायरस का प्रसार वूहान से नहीं हुआ। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की लेटस्ट रिपोर्ट की मानें तो कोरोनावायरस संभवत: चीन से नहीं फैला। रिसर्च पर जोर देते हुए कहा गया है कि एशिया में कोविड-19 के वायरस के पैदा होने से पहले विश्व में अन्य जगहों पर यह वायरस सामने आ चुका था। रिपोर्ट के अनुसार, शायद यह वायरस कई स्थानों पर पहले से ही निष्क्रिय हालत में था और खास वातावरण में सक्रिय हो गया।

कोरोना की शुरुआत वूहान शहर से नहीं हुई

वहीं एक और चौंकाने वाले शोध में पता लगा है कि कोरोना महामारी का शुरुआती स्थल वूहान शहर न होकर यूरोपीय देश स्पेन का कोई इलाका है। अब तक अमेरिका सहित कुछ देश वायरस के प्रसार और पारदर्शिता न दिखाने के लिए चीन पर आरोप लगाते रहे हैं, जबकि इस बारे में उनके पास पुख्ता सबूत नहीं हैं। वहीं अमेरिका में होने वाले आगामी चुनावों में यह मुद्दा खूब जमकर उछाला जा रहा है। अगर इस नई रिपोर्ट के दावे को सही माना जाए, तो वायरस वूहान से बहुत पहले यानी नौ महीने पहले स्पेन में फैलना (coronavirus spread  in world) शुरू हो गया था।

स्पेन में गंदे पानी में वायरस की मौजदूगी पाई गई

स्पेन की बार्सिलोना यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए शोध के मुताबिक मार्च 2019 में स्पेन के किसी क्षेत्र के गंदे पानी में इस वायरस की मौजूदगी पाई गई थी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि स्पेन में वायरस के अंश पाए जाने के बाद करीब नौ महीने बाद दिसंबर 2019 में चीन के वूहान में वायरस का प्रसार हुआ।

बार्सिलोना में 12 मार्च को देखे गए कोरोना के लक्षण

इस अध्ययन के अनुसार, स्पेन के बार्सिलोना में 12 मार्च 2019 को वायरस के पहली बार लक्षण देखे गए थे। इस शोध में वैज्ञानिकों ने जनवरी 2018 से दिसंबर 2019 तक स्पेन के विभिन्न शहरों से जमा सीवेज के पानी के नमूनों की जांच की। हालांकि, वायरस की मौजूदगी (coronavirus spread in hindi) पानी के एक ही नमूने में पाई गई है।

भले ही स्पेन के गंदे पानी में वायरस के लक्षण मार्च 2019 में पाए गए थे, लेकिन स्पेन में वायरस के इंसानों में संक्रमण का पहला मामला फरवरी 2020 में सामने आया था। अब इस रिपोर्ट पर विश्व के वैज्ञानिकों की प्रतिक्रिया का इंतजार है, लेकिन इतना तय है कि इस रिपोर्ट ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है कि वायरस का केंद्र चीन न होकर स्पेन था।

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