
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : November 3, 2020 12:25 PM IST
दिल्ली-वुहान की फ्लाइट में सवार 19 लोग कोरोना पॉजिटिव, जानें फ्लाइट में कोविड-19 स्प्रेड का ख़तरा है कितना
Coronavirus Spread during Flight: कोरोना वायरस महामारी की शुरूआत चीन के वुहान (Wuhan) से हुई थी और धीरे-धीरे यह बीमारी दुनियाभर में फैल गयी। कोरोना वायरस ने दुनियाभर में कोरोड़ों लोगों को अपनी चपेट में ले लिया और फिलहाल चीन ही ऐसा देश जहां, छिटपुट मामलों के अलावा कोरोना संक्रमण लगभग नियंत्रण में होने की बात कही जा सकती है। इसी बीच ख़बर आयी है कि भारत से वुहान जानेवाले एक हवाई जहाज में सवार 19 यात्री कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। (Coronavirus Spread during Flight)
मिली जानकारी के अनुसार, यह हवाई उड़ान वंदे भारत मिशन के तहत दिल्ली से वुहान भेजा गया था। 30 अक्टूबर को यह जहाज वुहान शहर पहुंचा जहां, जहाज से उतरने के बाद 19 लोगों में कोविड-19 इंफेक्शन (Covid-19 Infection) के की पुष्टि हुई। वहीं दूसरी तरफ एविएशन कम्पनी एयर इंडिया ने एक आधिकारिक बयान दिया जिसमें, कहा गया कि, जब जहाज दिल्ली से निकला था तब मुसाफिरों की एयरपोर्ट पर कोरोना टेस्टिंग की गयी थी। इन सभी लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव होने के बाद ही उन्हें जहाज में सवार होने की अनुमति दी गयी थी। (Coronavirus Spread during Flight)
इन सभी लोगों के कोविड-19 संक्रमित होने की पुष्टि के बाद अब अनुमान लगाया जा रहा है कि, इन लोगों को फ्लाइट के दौरान ही कोविड-19 संक्रमण हुआ है। गौरतलब है कि इस जहाज में कुल 277 लोग थे, जिनमें से 19 को कोरोना संक्रमण होने की बात कही जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक सभी यात्रियों को क्वारंटाइन किया गया है।
कुछ समय पहले जर्नल ‘फिजिक्स ऑफ फ्ल्यूड’में एक रिसर्च को प्रकाशित किया गया। जिसके अनुसार बंद जगहों में कोरोना वायरस यानि सार्स-कोवी2 (Sars-Cov-2) बहुत तेज़ी से नहीं फैलता। इस रिसर्च के परिणाम बताते हैं कि, 'जब एक व्यक्ति किसी ऐसी जगह जाता है जहां से, कुछ वक़्त पहले ही कोई कोविड-19 संक्रमित व्यक्ति गुज़रा हो, तो उस व्यक्ति के लिए संक्रमित होने का रिस्क कम होता है ।' हालांकि, एक दूसरी स्टडी में यह दावा किया गया है कि 'बंद कमरों और घर के भीतर कोरोना वायरस बाहर के मुकाबले कहीं तेज़ी से फैलता है।' इसीलिए , अगर फ्लाइट में सवार किसी व्यक्ति को संक्रमण (Covid-19 Infected) हो तो उसके छींकने या खांसने से छोटी ड्रॉपलेट्स (Aerosols) हवा में फैल सकती हैं। ये नन्हीं बूंदें जहाज की हवा में घुलकर बहुत देर तक घूमaती रहती हैं और सम्पर्क में आने वाले सभी लोगों को संक्रमित कर सकती हैं।