क्या कपड़ों और जूतों से भी घर में प्रवेश कर रहा है कोरोनावायरस? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

हम में से बहुत से ऐसे लोग हैं, जो ग्रोसरी का सामान लेने के लिए घर (Coronavirus spread) से बाहर जाते हैं। वहीं, अब अनलॉक 1.0 के साथ कुछ लोगों का ऑफिस भी शुरू हो गया होगा। ऐसे में जब आप घर लौटते हैं, तो हाथ को साबुन से अच्छे से साफ करके उसपर सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते होंगे।  पर उन कपड़ों और जूतों का क्या, जिसे आप बाहर जाते समय पहनते हैं?

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Written By: Kishori Mishra | Updated : June 17, 2020 7:45 PM IST

Coronavirus spread : कोरोनावायरस को लेकर अब नए तरह के रिसर्च किए जा रहे हैं। कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिए गरारे करना, हाथ धोना इत्यादि लोगों का डेली रुटीन हो गया है। पर अब लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। अब लोगों को इस बात का डर सता रहा है कि क्या कपड़े और जूतों के माध्यम से भी कोरोनावायरस (Coronavirus spread) हमारे घर में प्रवेश कर सकता है?

हम में से बहुत से ऐसे लोग हैं, जो ग्रोसरी औोर अन्य सामान लेने के लिए घर (Coronavirus spread) से बाहर जाते हैं। वहीं, अब अनलॉक 1.0 के साथ कुछ लोगों का ऑफिस भी शुरू हो गया होगा। ऐसे में जब आप घर लौटते हैं, तो हाथ को साबुन से अच्छे से साफ करके उसपर सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते होंगे।  पर उन कपड़ों और जूतों का क्या, जिसे आप बाहर जाते समय पहनते हैं?  तो आइए जानते हैं इस सवाल पर मेडिकल प्रोफशनल्स की क्या राय है-

कपड़ों पर कम होता है संक्रमण फैलने का खतरा ?

इस बारे में ऑरलेंडों के मुख्य चिकित्सक डॉ.विंसेंट हसु ने कहा, “अभी तक इस वायरस के बारे में हम ज्यादातर बातें नहीं जानते हैं। इसलिए हर दिन इस पर लगातार नए शोध किए जा रहे हैं। लेकिन सामान्यत: हमें ऐसा लगता है कि कपड़े और जूते भी कोरोनावायरस के वाहक हो सकते हैं और विशेषज्ञ भी इस सोच को गलत नहीं मानते।" विंसेंट ने आगे कहा कि जूते और कपड़े भी कई  बैक्टीरिया को अपने साथ कैरी करते हैं। हालांकि, अभी इस बारे में कोई सटीक डाटा उपलब्ध नहीं है।

बिस्तरों की सतह पर छूटा वायरस कुछ ही घंटों में पूरे हॉस्पिटल को कर सकता है संक्रमित

कोरोनावायरस (COVID-19) एक ऐसा संक्रमण है, जो फ्लू की तरह फैलता है। यह सांस की बूंदों के जरिए तेजी से लोगों को संक्रमित करता है। अगर कोई संक्रमित व्यक्ति स्वस्थ व्यक्ति के पास खांसता या छींकता है, तो वह भी इसका शिकार हो सकता है। नोवल कोरोनोवायरस अलग-अलग सतहों पर और मानव शरीर के बाहर भी आसानी से जीवित रह सकता है। ऐसी स्थिति में ये वायरस काफी खतरनाक हो जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अलग-अलग सतहों पर कोरोनावायरस कुछ घंटों से लेकर कुछ दिनों तक जीवित रह सकता है। जैसे- मेटल और प्लास्टिक पर कोविड-19 संक्रमण 2 से 3 दिनों तक आसानी से जीवित रह सकता है। वहीं, एक्सपर्ट्स की मानें तो कोरोनावायरस कपड़ों पर अधिक समय तक जीवित नहीं रहता है। यह कोरोनावायरस के रहने के लिए अनुकूल नहीं है।

क्‍या कहते हैं अध्‍ययन

इस बारे में कॉमन इंफेक्शन डिसीज की एक्सपर्ट डॉ. कैथलीन जॉर्डन ने कहा,  "इस बारे में हमारे पास इन्फ्लूएंजा और अन्य वायरस के बारे में पहले से शोध मौजूद हैं। जिनमें सामने आया कि सामान्य तौर पर कपड़ों को वायरस का सबसे अच्छा इनक्यूबेटर नहीं माना जा सकता।”

उन्होंने कहा कि आर्द्रता और नमी वाली जगहों पर वायरस सबसे अधिक पनपते हैं। लेकिन कपड़ों की प्रकृति वायरस के अनुकूल नहीं होती। जॉर्डन कहती हैं, "कपड़े आमतौर पर ठोस सतह की बजाए रेशों का जाल होते हैं, जो वायरस को आसानी जीवित रहने के लिए सही माहौल नहीं प्रदान कर पाते।"

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इन सभी बातों से निष्कर्ष निकलता है कि कपड़ों के माध्यम से कोरोनावायरस फैलने की संभावना काफी कम है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञ कहते हैं कि कुछ विशेष परिस्थितियों में हमें घर आते ही कपड़ों को तुरंत धो लेना चाहिए। ताकि वायरस अगर आपके कपड़ों में हो, तो यह आस-पास को संक्रमित ना कर सके।

कपड़ों के साथ बरतें अतिरिक्त सावधानियां

  • अगर आप किसी कोरोनोवायरस से संक्रमित व्यक्ति के पास जा रहे हैं या फिर आप ऐसे मरीज की देखभाल कर रहे हैं, तो अपने कपड़ों को घर आते ही तुरंत बदलें।
  • कोशिश करें कि आप अपने कपड़ों को अपने हाथ से धोएं।
  •  अगर आपने सामाजिक डिस्टेंसिंग का पालन किया है तो, बाहर से ग्रोसरी और सब्जी लाने के बाद आपको कपड़े धोने की जरूरत नहीं है। वहीं, अगर आपके आसपास लोगों ने खांसा या छींका है, तो घर आते ही अपने कपड़ों को धो लें।
  • घर पर कपड़ों को धोने के लिए आपको एक्ट्रा एफर्ट की जरूरत नहीं है। आप घरेलू डिटर्जेंट से भी कपड़ों को साफ कर सकते हैं।

जूते कितने हैं सुरक्षित? 

जूते कपड़ों की तुलना में बहुत ज्यादा गंदे होते हैं। उनमें बैक्टीरिया के छिपे होने के ज्यादा ठिकाने होते हैं। इसलिए जूतों में कोरोना वायरस कैरी करने का जोखिम ज्यादा होता है। इसलिए सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि बाहर के जूते घर में न पहनें।

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (Centers for Disease Control and Prevention) द्वारा प्रकाशित एक नए अध्ययन से पता चलता है कि नोवल कोरोनावायरस जूते के तलवों पर रह सकता है। अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने चीन के वुहान में एक अस्पताल में गहन चिकित्सा इकाई में चिकित्सा स्टाफ के सदस्यों द्वारा पहने गए जूते के तलवों से नमूने लिए।

उन्होंने पाया कि SARS-CoV-2 के लिए गए आधे सैंपल की टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आई। इस अध्ययन के बाद शोधकर्ताओं ने कहा कि जूते कोरोनावायरस के वाहक के रूप में कार्य करते हैं। इसके निष्कर्षों के आधार पर वैज्ञानिकों का मानना है कि जूतों से कोरोनावायरस का संक्रमण काफी तेजी से फैल सकता है, इसलिए सावधानियां बरतने की जरूरत है।

जूते बाहर उतारना है अच्छी आदतों में शामिल

इस बारे में जॉर्डन कहती हैं, "हम आमतौर पर जूतों को रसोई से बाहर ही रखते हैं। उन्हें मेज तक नहीं लाते, हमारे चेहरे से जूतों का कोई सम्पर्क नहीं होता। इसलिए, हमारे डेली रूटीन में पहले से ही जूतों के बारे में हम ज्यादा स्वच्छता का पालन करते हैं।”

कोरोनावायरस से बचने के लिए हमें जूतों को लेकर सतर्क रहना चाहिए। ताकि हमारे घर में किसी तरह का बैक्टीरिया प्रवेश ना करे। घर में प्रवेश करते समय अपने जूतों को हमेशा बाहर उतारें।

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