बच्चों में कोरोना से जुड़ी एक और नई बीमारी आई सामने: रिसर्च में खुलासा

शोधकर्ताओं ने कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान बर्मिंघम चिल्ड्रंस हॉस्पिटल में भर्ती बच्चों को ब्लड सैंपल से इस बीमारी की जांच की। यह अध्ययन बर्मिंघम विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं के नेतृत्व में किया गया।

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Written By: Kishori Mishra | Published : August 17, 2020 3:04 PM IST

Coronavirus-related children’s Disease : कोरोनावायरस के मामले दिन-ब-दिन बढ़ते ही जा रहे हैं। इस बीच वैज्ञानिकों द्वारा इस वायरस को लेकर नए नए रिसर्च भी सामने आ रहे हैं। कोरोनावायरस के नए-नए लक्षण सामने आते रहते हैं, इसलिए यह बीमारी अबतक वैज्ञानिकों के लिए रहस्य बनी हुई है। हाल ही में वैज्ञानिकों ने बच्चों में कोरोनावायरस से जुड़ी एक नई बीमारी का अध्ययन किया, जिसका संबंध रोग प्रतिरोधक प्रणाली की श्वेत रक्त कोशिकाओं में महत्वपूर्ण (Coronavirus-related children’s disease) बदलावों से है।

इस अध्ययन से चिकित्सकों को बाल रोगियों की स्तिथि को बेहतर ढंग से समझने और वर्तमान में उपचारों के प्रति प्रक्रिया का बेहतर आंकलन करने में मदद मिल (Coronavirus-related children’s disease) सकती है। ‘पीडियाट्रिक इन्फ्लेमेटरी मल्टीसिस्टम सिंड्रोम' (पीआईएमएस-टीएस) नाम की यह नई बीमारी सार्स-कोव-2 से अस्थाई रूप से जुड़ी है, इस बीमारी के कुछ लक्षण कावासाकी से मिलते जुलते है, जिसमें रक्तवाहिकाओं में सूजन आ जाती है। यह बीमारी अधिकतर 5 सालों से कम उम्र के बच्चों में देखी जाती है।

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शोधकर्ताओं ने कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान बर्मिंघम चिल्ड्रंस हॉस्पिटल में भर्ती बच्चों को ब्लड सैंपल से इस बीमारी की जांच की। यह अध्ययन बर्मिंघम विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं के नेतृत्व में किया गया। इस अध्ययन में देखा गया कि बीमारी का संबंध ‘मोनोसाइट्स' में बड़े बदलावों से है। ‘मोनोसाइट्स' रोग प्रतिरोधक श्वेत रक्त कोशिकाओं का एक प्रकार हैं।

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इस बारे में अनुसंधानकर्ताओं की टीम में शामिल ग्राहम टेलर ने कहा, ‘‘हमारे अध्ययन में पहली बार यह खुलासा हुआ है कि कावासाकी बीमारी और पीआईएमएस-टीएस दोनों का ही संबंध मोनोसाइट्स की संख्या में बड़े बदलाव और उनकी आनुवंशिक आकृति से है।''

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