
... Read More
Written By: Anshumala | Updated : May 22, 2020 2:27 PM IST
As of July 5, 2020, Manipur has total 1325 COVID-19 confirmed cases, out of which 658 are still under treatment and 667 have been cured.
Coronavirus Patient Health : कोरोनावायरस महामारी (Coronavirus pandemic) के कारण अब तक पूरी दुनिया में लगभग 50,18685 लोक संक्रमित हो चुके हैं और 326316 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं भारत की बात करें, तो यहां लगातार बड़ी तेजी से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। भारत में अब तक कोरोना (Coronavirus in india) के शिकार हुए कुल संक्रमितों की संख्या 1,18447 हो चुकी है और मरने वालों की संख्या लगभग साढ़े तीन हजार से भी अधिक है। हालांकि, अच्छी बात ये है कि लोग कोरोना से जंग जीतकर स्वस्थ भी हो रहे हैं।
अब तक भारत में कुछ 48,540 लोग स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। लेकिन, जो लोग स्वस्थ हो चुके हैं, उनके ऊपर से खतरा (Covid-19 Patient Health) अभी तक टला नहीं है। स्वस्थ हो चुके लोग कोरोना से तो बच गए हैं, लेकिन उनमें सेहत से संबंधित कई अन्य समस्याओं (Coronavirus Patient Health after treatment) के होने का खतरा बना रहेगा। जी हां, चीन के डॉक्टर्स ने यह दावा किया है कि कोरोना से जो लोग स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं, उनमें कई तरह की शारीरिक समस्याओं के होने का खतरा अभी भी बना हुआ है।
चीन के वैज्ञानिकों की इस चेतावनी के बाद दुनिया भर के कोरोना मरीजों (Covid-19 patient) की चिंता बढ़ा दी है। डॉक्टर्स का कहना है कि कोरोना से स्वस्थ हो चुके लोगों को अपनी सेहत का खास ध्यान रखना होगा। बेशक वो इलाज कराने के बाद स्वस्थ हो चुके हैं, लेकिन इस वायरस का असर उनके शरीर में कोई ना कोई स्वास्थ्य समस्या के रूप में सामने आ सकता है। दरअसल, चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन (National Health Commission) ने कुछ नई गाइडलाइंस जारी की हैं और ये खासकर कोरोना से स्वस्थ हो चुके मरीजों के लिए हैं। ऐसा करने के पीछे खास उद्देश्य है ठीक हुए मरीजों को समय-समय पर मॉनिटर करना।
अमेरिका का दावा, सफल हुआ कोरोनावायरस की वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल, जल्द होगा उपलब्ध
रिपोर्ट में कहा गया है कि जो लोग कोरोनावायरस से पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं, उनमें से अधिकतर मरीजों को हृदय संबंधित समस्याएं, मांसपेशियों में तकलीफ, फेफड़ों में परेशानी और साइकोलॉजिकल डिसऑर्डर जैसी परेशानियां हो सकती हैं। यह रिपोर्ट तब तैयारी की गई है जब चीन में कुछ मरीजों में ठीक होने के बाद ऐसी समस्याएं देखने को मिलीं। इतना ही नहीं मरीजों में अनिद्रा (insomnia), डिप्रेशन, ईटिंग डिसऑर्डर, मानसिक और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के होने का खतरा बढ़ सकता है। कुछ गंभीर केसेज में शरीर के ठीक ढंग से काम ना करने में कई दिक्कतें आ सकती हैं।
Exercising with face mask: क्या आप मास्क पहनकर दौड़ते है? जानें, विशेषज्ञों ने दी किस बात की चेतावनी
इस पर एक अध्ययन किया गया, जिसकी रिपोर्ट मेडिकल जर्नल किडनी इंटरनेशनल में प्रकाशित की गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, अध्ययन में लगभग पांच हजार से अधिक कोरोना संक्रमित लोगों को शामिल किया। परिणाम चौंकाने वाले थे। तीन में से एक व्यक्ति को किडनी से संबंधित गंभीर समस्या पाई गई और लगभग 14 प्रतिशत लोगों को डायलिसिस की जरूरत पड़ी। कुछ मरीजों में स्वस्थ होने के बाद शरीर पर निशान, लाल आंखें, तेज बुखार, ग्लैंड्स में सूजन (Swelling of glands) जैसी समस्या देखने को मिली।
तंबाकू से तैयार किया गया कोरोनावायरस का वैक्सीन, जल्द शुरू हो सकता है इंसानों पर ट्रायल