
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 1, 2020 11:38 AM IST
Coronavirus Pandemic: विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के महानिदेशक ट्रेडोस अधानोम घेब्रेसस (Tredos Adhanom Ghebreyesus) ने कहा है कि वह बच्चों को स्कूल जाते हुए और लोगों को काम पर लौटते हुए देखना चाहते हैं। लेकिन, अभी किसी भी देश को इस तरह से व्यवहार नहीं करना चाहिए कि उनके यहां से कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) खत्म हो चुकी है। (Reopening Schools and Offices during Coronavirsu) समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को जेनेवा में एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ट्रेडोस ने कहा कि, यदि कोई देश स्थितियों को सामान्य करने की दिशा में वाकई काम करने को लेकरगंभीर है, तो सबसे पहले उसे वायरस के प्रसार पर रोक लगाने और लोगों का जीवन बचाने की दिशा में काम करना होगा।
कोरोनावायरस महामारी के दौरान स्कूल और दफ्तरों को खोलने से जुड़ी बात पर ट्रेडोस ने कहा, "बिना किसी नियंत्रण के चीजों को खोलना तबाही को आमंत्रित करने जैसा है।"
अपने संबोधन में उन्होंने 4 ऐसी महत्वपूर्ण चीजों पर ज़ोर दिया जिनसे जुड़े सुरक्षा नियम फॉलो करने की आवश्यकता है। ट्रेडोस ने गाइडलाइन्स ज़ारी करते हुए कहा-
WHO द्वारा 100 से अधिक देशों में एक सर्वेक्षण भी किया गया। जिसमें से 90 फीसदी राष्ट्रों में देखा गया कि इस महामारी के दौरान वहां के लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं में व्यवधान का अनुभव किया है। सम्मेलन में इस सर्वे के परिणामों पर चर्चा करते हुए ट्रेडोस ने कहा कि इस सर्वे के अनुसार, कम और मध्यम आय स्तर वाले देशों के लोग इससे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।ड
ट्रेडोस ने कहा, "सर्वेक्षण से पता चलता है कि आवश्यक सेवाओं के लिए 70 प्रतिशत तक सेवाएं बाधित हुई हैं जिनमें नियमित टीकाकरण, गैर-संचारी रोगों के लिए उपचार, परिवार नियोजन और गर्भनिरोधक, मानसिक स्वास्थ्य विकारों का निदान और कैंसर इत्यादि शामिल रहे हैं।"
संबोधन में आगे जानकारी देते हुए महानिदेशक ने कहा, "हालांकि, केवल 14 प्रतिशत देश ही ऐसे रहे हैं जहां उपयोगकर्ता शुल्क या यूजर फीस में छूट दी गई, जिसके लिए संगठन पहले ही सुझाव दे चुका है। इस छूट के माध्यम सेलोगों को आर्थिक रूप से हो रहे नुकसान की भरपाई हो सकेगी ।" सत्र के दौरान ट्रेडोस ने यह बताया कि WHO देशों के साथ मिलकर उन्हें अपना सहयोग देना जारी रखेगा ताकि वे अपने यहां आवश्यक सेवाएं बरकरार रख सकें।