कोरोना वायरस महामारी से निपटने के अभियानों में भारत के कोविड वॉरियर्स करेंगे योगदान, भारत अपनी 2 टीमें भेज रहा है UN मिशन

मिशन ने शुक्रवार को कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के अनुरोध पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने उन देशों में कोविड-19 से निपटने के लिए भारतीय शांति मिशन के सैनिकों द्वारा प्रबंधित अस्पताल सुविधाओं को बढ़ाने के लिए सहयोग देने का आग्रह किया है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 6, 2020 10:50 AM IST

Coronavirus Pandemic:  दुनियाभर में कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Outbreak) से निपटने के लिए विभिन्न तरीकों से कोशिश की जा रही है। इसी दिशा में भारत अपनी विशेष टीमें भेजकर अन्य देशों को भी इस महामारी के संकट से निकलने में मदद कर रहा है।  दक्षिण सूडान और कांगो गणराज्य में कोविड-19 संक्रमण (Covid-19 Infection) की  चुनौती से निपटने को लेकर संयुक्त राष्ट्र (यूएन) द्वारा विशेष शांति अभियान चलाए जा रहे हैं। जिनके तहत मेडिकल सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भारत अपने एक्सपर्ट्स की  2 टीमें भेज रहा है। भारत के यूएन मिशन ने यह जानकारी दी।

मिशन ने कहा कि भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के अनुरोध पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने उन देशों में कोविड-19 से निपटने के लिए भारतीय शांति मिशन के सैनिकों द्वारा प्रबंधित अस्पताल सुविधाओं को बढ़ाने के लिए सहयोग देने का आग्रह किया है। इसने कहा, "इस अनुरोध का हमने स्वागत किया है।" (Coronavirus Pandemic)

15 विशेषज्ञों की एक टीम जाएगी सूडान

इसने  बताया कि 15 विशेषज्ञों की एक टीम इस महीने के अंत में कांगो के गोमा जाएगी, जहां जनवरी 2005 से भारत द्वारा चलाए जा रहे अस्पताल में पहले से ही 18 विशेषज्ञों सहित 90 भारतीय हैं। संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के लिए मुख्य कमांड और नियंत्रण केंद्र 'मोनुस्को' गोमा में स्थित है। मोनुस्को में 2,030 भारतीय शांति सैनिक तैनात हैं।

15 विशेषज्ञों की एक अन्य टीम दक्षिण सूडान के जुबा जाएगी, जहां दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (यूएनएमआईएसएस) के साथ 2016 से चलाए जा रहे भारतीय अस्पताल में 12 विशेषज्ञों सहित 77 भारतीय हैं, जिसमें 2,420 भारतीय शांति सैनिक हैं।

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को शिक्षक करेंगे जागरूक

इसकी तरह एक अनूठा प्रयास किया जा रहा है उत्तर प्रदेश में, जहां राज्य में बढ़ते संकट  कोरोना के मामलों के बीच आम लोगों को जागरूक बनाने के लिए  शिक्षक भी आगे आए हैं। ये शिक्षक सर्विलांस सिस्टम (कोविड 19 ट्रैकर एप) से लोगों को जानकारी देंगे। मिली जानकारी के अनुसार, मिड-प्रायमरी स्कूलों के टीचर्स सरकार की ओर से जारी आरोग्य सेतु और आयुष कवच हेल्थ एप के ज़रिए  लोगों को जागरूक करने के लिए सामने आ रहे हैं।

प्रशासन की तरफ से ज़ारी गाइडलाइन्स के मुताबिक,  लखनऊ , रायबरेली, लखीमपुर, हरदोई, सीतापुर के डीआईओएस को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र में इस तरह के कार्यक्रम चलाएं।  मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने जानकारी दी कि अभी तक टीचर्स अपने  छात्र-छात्राओं और उनके माता-पिता को कोविड-19 इंफेक्शन के प्रति जागरूक बनाने के लिए  सर्विलांस सिस्टम की मदद से जानकारी देते आए हैं। लेकिन, अब ये शिक्षक आम लोगों को इस महामारी के बारे में जागरूक करेंगे।

गौरतलब है कि, उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण तेज़ी से बढ़ता जा रहा है।  अब तक राज्य में 3 हजार से अधिक लोगों की कोविड-19 इंफेक्शन से मौत हो चुकी है।

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