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Written By: Pallavi | Published : August 20, 2022 9:28 AM IST
भारत में कोरोना वायरस के मामले फिर तेजी से बढ़ रहे हैं। स्थिति ये है कि पिछले 24 घंटे में कोरोना के 15,754 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं और इससे 39 लोगों की मौत भी हुई है। वहीं, पॉजिटिविटी रेट की बात करें तो फिलहाल ये 3 प्रतिशत के ऊपर है और अब तक भारत में इससे 4,43,14,618 लोग संक्रमित हो चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 39 और लोगों की मौत के साथ मरने वालों की संख्या बढ़कर अब 5,27,253 हो गई है। साथ ही देश में एक्टिव मामलों की संख्या 1,01,830 है। पर इसी बीच एक शोध में पता चला है कि दिल्ली-एनसीआर के लगभग 80 प्रतिशत घरों में लोग बीमार हैं।
दिल्ली-एनसीआर में किए गए एक लोकलसर्किल सर्वे की मानें तो, पिछले 30 दिनों में 80% घरों के लोग बीमार हैं। दरअसल, इस सर्वे की मानें तो, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पिछले 30 दिनों में प्रभावित 10 में से आठ घरों में वायरल बुखार और कोविड के मामले सामने आए हैं। प्रभावित घरों के सदस्यों ने बुखार, नाक बहना और थकान जैसे कोविड जैसे लक्षणों का अनुभव किया है। ज्यादातर मामलों में, लोग होम टेस्ट किट के जरिए कोविड टेस्ट कर रहे हैं। साथ ही वायरल फीवर के मामले भी काफी सामने आए हैं। साथ ही शोध में यह भी बताया है कि घरों के बच्चों में इन दोनों के फैलने का जोखिम ज्यादा है।
बता दें कि कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच शोधकर्ता लगातार इसके कारणों की जांच कर रहे हैं। नेचर कम्युनिकेशंस नामक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में पता चला है कि कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी के पीछे ओमीक्रोन सबवेरिएंट BA.1 और BA.2 है। शोध भारतीय मूल के एक शोधकर्ता के नेतृत्व में की गई है। शोधकर्ताओं का कहना है कि एंटीबॉडी कमजोरी होने पर ये वेरिएंट लोगों को बड़ी तेजी से अपना शिकार बना रहा है।
इस अध्ययन में क्रायो-इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी (क्रायो-ईएम) का उपयोग करके वायरस के कमजोर हिस्से का पता लगाने की भी कोशिश की गई है। शोध में बताया गया है कि स्पाइक प्रोटीन पर कमजोर पार्ट इसका एपिटो भाग है जो खुद को एंटीबॉडी से जोड़ता है। फिर ये स्पाइक प्रोटीन मानव कोशिकाओं में प्रवेश करता है और लोगों को संक्रमित कर देता है।
ऐसे में आम लोगों के लिए सुझाव यही है कि वे कोरोना संक्रमण से बचने के लिएइम्यूनिटी मजबूत रखें, बूस्टर डोज लें और कोविड नियमों का पालन करें। साथ ही भीड़-भाड़ से बचें, मास्क पहनें, सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें और लक्षण दिखने पर खुद को आइसोलेट करें।