Coronavirus News: लॉकडाउन के पहले ही दिन जरूरत के समानों की कमी, फ्लिपकार्ड ने भी रोकी सेवाएं

देश में आज लॉकडाउन का पहला दिन है, लेकिन पहले ही दिन लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जहां दिल्ली में जरूरी के सामानों की किल्लत आ पड़ी है। तो वहीं, दूसरी ओर ई-कॉमर्स कंपनी ने अपने काम पर अस्थायी रूप से रोक लगा दिया है।

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Written By: Kishori Mishra | Published : March 25, 2020 2:39 PM IST

Coronavirus News:  देश में आज लॉकडाउन का पहला दिन है, लेकिन पहले ही दिन लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर जहां दिल्ली में जरूरी के सामानों की किल्लत आ पड़ी है। तो वहीं, दूसरी ओर ई-कॉमर्स कंपनी ने अपने काम पर अस्थायी रूप से रोक लगा दिया है। राजधानी दिल्ली में भी मंगलवार आधी रात से पूरी तरह से लॉकडाउन कर दिया गया।

मंगलवार को पीएम मोदी ने किया लॉकडाउन का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एलान के साथ ही मंगलवार देर रात तक जमकर खरीदारी हुई। लोग थोक रूप से खरीददारी करते दिखे, जिसका असर बुधवार सुबह साफ दिखा। सुबह जब दुकानें खुलीं, तो जरूरी सामान नदारद मिले।

कोरोना वायरस के  चलते आलम यह था कि रोहिणी में दूध और ब्रेड जैसी जरूरी चीजें भी नही मिलीं। पूछने पर बताया गया कि उहापोह की वजह से न तो सुबह दूध की गाड़ी आई और न ही ब्रेड की आपूर्ति हुई।

इस इलाके में दूध के होल सेल विक्रेता हरियाणा डेयरी के मालिक रोहन ने कहा, "रात में ही दूध का ट्रक आ जाता था, लेकिन भ्रम फैल गया, जिसकी वजह से दूध की गाड़ी नहीं आई।"

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उधर इस क्षेत्र में किराना स्टोर चला रहे जुनेजा स्टोर के मालिक गुरपीत ने बताया, "आटा , चावल, तेल, बिस्कुट जैसी चीजें कल रात ही खत्म हो गईं। उन्होंने कहा कि ये तब है जब कि उन्होंने एक आदमी को एक ही पैकेट आटा और चावल दिया।" जाहिर है कि मंगलवार रात से ही लोक पैनिक हो गए हैं। जिसकी वजह से समान नहीं मिल रहा है।

लेकिन इन दुकानदारों ने बताया कि संभावना है कि राजधानी के होल सेल मार्केट की दुकानें जो अधिकतर खारी बावली इलाके में हैं, अगर खुलती हैं तो फिर समानों की आपूर्ति की जा सकेगी।

फ्लिपकार्ट ने अस्थाई रूप से रोकी सेवाएं

ईटेलर फ्लिपकार्ट (Flipkart) ने बुधवार को कहा कि उसने परिचालन और सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया है, जिसमें किराना वस्तुएं भी शामिल हैं। यह फैसला 21 दिनों तक लॉकडाउन को देखते हुए लिया गया। हालांकि ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में आवश्यक सामानों और सेवाओं को प्रदान करने की अनुमति दी थी।

फ्लिपकार्ट ने अपनी तीन आपूर्ति श्रंखलाओं -किराना, गैर-बड़ी वस्तुओं और बड़ी वस्तुओं- के आर्डर लेने पर 25 मार्च से अस्थायी रूप से रोक लगा दी है।

फ्लिपकार्ट ने अपनी वेबसाइट के जरिए इसकी जानकारी दी है, जहां एक पोस्ट में लिखा है, "हेलो, भारतीय साथियों, हम अपना कामकाज अस्थायी रूप से रोक रहे हैं। आपकी जरूरत हमेशा से ही हमारी प्राथमिकता रही है और हमारा यह वायदा है कि जितनी जल्दी संभव होगा, हम आपकी सेवा के लिए वापस आएंगे।"

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फ्लिपकार्ट ने कहा, "अभी जो कठिन हालात हैं ऐसा कभी नहीं देखा गया। इसके पहले कभी ऐसा नहीं हुआ कि सुरक्षित रहने के लिए लोगों को अलग-अलग रहना पड़ा हो। इसके पहले ऐसा कभी नहीं हुआ कि देश की मदद के लिए घर में बैठना पड़ा हो। हम आपसे यह आग्रह करते हैं कि घर में रहें और सुरक्षित रहें, हम फिर आपकी सेवा में होंगे।"

कर्मचारियों को भेजे गए एक आंतरिक ईमेल में, फ्लिपकार्ट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आदर्श मेनन ने लिखा है कि, "वरिष्ठ अधिकारी इसका मूल्यांकन करेंगे कि सरकार और हितधारकों के परामर्श से आपूर्ति श्रंखलाओं को वापस कैसे शुरू किया जाए लेकिन फिलहाल कोई भी आर्डर स्वीकार नहीं होगा।"

गौरतलब है कि देशभर में लॉकडाउन की वजह से एमेजॉन, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, बिगबास्केट और ग्रॉफर्स जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों को अपना कामकाज चलाने में मुश्किल आ रही है। इन कंपनियों का कहना है कि वे सिर्फ जरूरी सेवाओं की आपूर्ति कर रही हैं, लेकिन इनके डिलिवरी पर्सन्स को पुलिस के लोग रोक रहे हैं। इसकी वजह से इनका कारोबार ठप पड़ गया है।

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