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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : February 27, 2020 5:14 PM IST
Coronavirus Myths Know Deadly covid 19 Virus Facts and myths in hindi.
Coronavirus Myths: चीन से नोबल कोरोना वायरस पूरी दुनिया में फैल चुका है. दक्षिण कोरिया और इटली में कोरोवा वायरस (Covid-19 Virus) के मामले बढ़ रहे हैं. नोबल कोरोना वायरस (Novel Coronavirus) को लेकर दुनियाभर में दहशत का माहौल है. कोरोना वायरस के लक्षण (Coronavirus Symptoms) और बचाव के बारे में मिथक भी फैल रहा है. भारत में अभी तक कोरोना वायरस के मामले नियंत्रण में हैं. आपको भी कोरोना वायरस के बारे में सही जानकारी रखनी चाहिए. हम यहां पर कोरोना वायरस के मिथक (Coronavirus Myths and Facts) या भ्रम के साथ तथ्य व सत्य क्या हैं उसकी जानकारी दे रहे हैं.
सबसे पहले आपको करोना वायरस से बारे में सही जानकारी रखनी चाहिए. दरअसल कोरोना वायरस कोई एक वायरस नहीं है. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह कई वायरसों का एक समूह है. कोरोना वायरस एक जूनैटिक वायरस है जिसका मतलब यह है कि यह वायरस पशुओं से इंसानों में फैलता है.
जानलेवा कोरोना वायरस किसी भी संक्रमित इंसान के छींकने और खांसने से हवा में फैल सकता है. संक्रमित इंसान के शरीर में भी इसके संक्रामक गुण होते हैं. संक्रमित इंसान के संपर्क में आने से दूसरे व्यक्ति में कोरोना वायरस फैल सकता है. कोरोना वायरस के लक्षण आप यहां जान सकते हैं. Coronavirus: कोरोना वायरस संक्रमण एक घर से दूसरे घर में इस तरह भी पहुंच सकता है.
दुनियाभर के लोगों में खबरों और मीडिया (World News) से कोरोना वायरस को लेकर तमाम तरह के भ्रम फैल रहा है. सोशल मीडिया के माध्यम से भी भ्रामक जानकारी लोगों को मिल रही है. ऐसे में यह जरूरी है कि आप कोरोना वायरस के मिथक/भ्रम और तथ्य के बारे में सटीक जानकारी रखें.
यह कोरोना वायरस के बारे में फैलाया जाने वाला सबसे बड़ा मिथक है. इस मसले पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organisation) का कहना है कि कोरोना वायरस से बचाव में जलनेति फायदेमंद नहीं है.
डब्ल्यूएचओ (WHO) का कहना है कि जलनेति करने से कॉमन कोल्ड जैसी परेशानी से बचा जा सकता है. मगर जलनेति क्रिया से कोरोना वायरस से बचाव नहीं होता है.
नोबल कोरोना वायरस का इलाज एंटीबायोटिक्स से नहीं किया जा सकता है. एंटीबायोटिक्स के माध्यम से बैक्टीरिया जनित बीमारियों का इलाज होता है. अभी कोरोना वायरस के इलाज के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है. दुनियाभर के वैज्ञानिक कोरोना वायरस के लिए टीका खोजने की कोशिश कर रहे हैं.
इस तरह के मिथक भी लोगों में फैल रहा है. हैंड ड्रायर्स से लोग हाथों को सूखा रहे हैं उनको लगता है कि इससे कोरोना वायरस खत्म हो सकता है. यह सच नहीं है, हैंड ड्रायर से कोरोना वायरस खत्म नहीं होता है. हाथों को हैंडवॉश और साबुन के साथ ठीक से साफ रखें. संक्रमण से बचने के लिए चेहरे, नाक, कान और आंख को बार-बार छुने से बचना चाहिए.
लहसुन स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है लेकिन यह कोरोना से बचाव नहीं करती है. लहसुन में एंटी-माइक्रोबियल गुण होता है. यह सर्दी-जुकाम जैसे संक्रमण में लाभदायक हो सकता है.
इस विषय पर अभी तक कोई खास शोध नहीं हो पाया है. लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि कोरोना वायरस कुत्ते-बिल्ली में सीधे तौर पर नहीं होता है. कोरोना वायरस किसी जंगली जानवर से अगर कुत्ते-बिल्ली में आता है तो यह इंसान में आ सकता है. घर के पालतू जानवरों से कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बहुत कम है.
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