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Coronavirus Live Updates: भारत में कोरोना वायरस फिर से लौट रहा है और स्थिति चिंताजनक हो रही है। पिछले 24 घंटे की बात करें तो देशभर में कोरोना के 4,518 मामले सामने आए हैं और न्यू केसलोड 5.8 % है। इसके अलावा सबसे ज्यादा खराब स्थिति महाराष्ट्र और केरल की है। महाराष्ट्र के बाद बेंगलुरु में कोरोना केस एक बार फिर बढ़ने लगे हैं। इसे देखते हुए मास्क को यहां फिर से अनिवार्य कर दिया है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बेंगलुरु में पिछले 24 घंटे में 100 नए मरीज पाए गए हैं। इसलिए सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे नियम का सख्ती से पालन करें।
स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में पिछले 24 घंटों में 4,270 नए कोविड -19 मामले दर्ज किए गए, 15 मौतें हुईं, जिससे कुल मृत्यु का आंकड़ा 5,24,692 हो गया। फिलहाल एक्टिव केस 24,052 हैं।
महाराष्ट्र में पिछले एक सप्ताह से COVID मामलों में अचानक वृद्धि देखी जा रही है, जिसमें मुंबई में सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। यहां पिछले 24 घंटे कोरोना मामलों में 50 % की बढ़ोतरी देखी गई है। जून के पहले पांच दिनों में दर्ज किए गए मामलों की कुल संख्या मार्च के मामलों से दोगुने हैं। वहीं महाराष्ट्र के पर्यावरण और पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे का कहना है कि शायद राज्य में कोरोना महामारीकी चौथी लहर की शुरुआत (Covid 4th wave) हो चुकी है। हालांकि, आदित्य ठाकरे ने यह भी कहा कि राज्य में कोरोना वायरस से संबंधित मौतें नहीं बढ़ी हैं इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
बता दें कि कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी के कारण स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे का कहना है कि कोरोना वृद्धि वाले क्षेत्रों में मास्क जरूर पहनें। राज्य के कोविड टॉस्क फोर्स ने लोगों से भीड़-भाड़ वाली जगहों, बसों, ट्रेनों, स्कूलों में मास्क का उपयोग करने और कोविड नियमों को पालन करने को कहा है।
महाराष्ट्र के अलावा केरल में भी स्थिति सही नहीं है। यहां एक हफ्ते में 8000 केस मिले हैं, जो कि पिछले हफ्ते की तुलना में 65% ज्यादा हैं। वहीं, अब दिल्ली में भी करोना के मामलों में बढ़ोतरी नजर आई है। दिल्ली में 343 नए मामले दर्ज हुए हैं। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग की मानें को संक्रमण दर 1.91 प्रतिशत है और दिल्ली में बीते 24 घंटे के दौरान 17,917 नमूनों की कोविड-19 जांच के लिए भेजी गई है।
कोरोना मामलों में अचानक बढ़ोतरी को लेकर दिल्ली एम्स, में सेंटर फॉर कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ संजय राय ने कहा, मामलों की संख्या बढ़ सकती है जो ज्यादा मायने नहीं रखती क्योंकि आरएनए वायरस में म्यूटेशन होता रहता है। दरअसल, इस प्रकार के वायरस जल्दी खत्म नहीं होते हैं और उतार-चढ़ाव होते रहेंगे। हमें सामान्य स्थिति की ओर बढ़ना चाहिए। साथ ही उन्होने आम लोगों को भरोसा दिलाया है कि दूसरी और तीसरी लहर की तुलना में, हमारे देश अब किसी भी स्थिति से लड़ने के लिए ज्यादा तैयार है।