Coronavirus Update: प्लास्टिक और धातुओं पर 3 दिनों तक ज़िंदा रह सकता है कोविड-19 का नया वायरस-रिसर्च

एक हालिया स्टडी में कहा गया है कि कोरोना वायरस 3 दिनों तक ज़िदा रह सकता है। (coronavirus update in hindi),यह स्टडी , यूएस नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ द्वारा करायी गयी। जिसे, अब पूरी तरह से सार्वजनिक कर दिया गया है। इस स्टडी में यह समझने की कोशिश की गयी कि नया कोरोना वायरस किसी सतह पर या हवा में कितनी देर तक ज़िंदा रह सकता है। हालांकि, इस दिशा में अभी भी और रिसर्च करने की आवश्यकता है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : March 19, 2020 7:37 PM IST

Coronavirus Update:कोरोना वायरस(corona virus) ने दुनिया भर के ज़्यादातर देशों को प्रभावित किया है। भारत में कोरोना वायरस के मामले गुरुवार 19 मार्च की शाम को बढ़कर 167 हो गए।(coronavirus update in india) जहां, इस बीमारी से बचने(covid precautions) और इसकी रोकथाम के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, कोरोना वायरस के व्यवहार और सक्रियता को समझने के लिए लगातार रिसर्च किए जा रहे हैं।

एक हालिया स्टडी में कहा गया है कि कोरोना वायरस 3 दिनों तक ज़िदा रह सकता है।(coronavirus update in hindi),यह स्टडी, यूएस नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ द्वारा करायी गयी। जिसे, अब पूरी तरह से सार्वजनिक कर दिया गया है। इस स्टडी में यह समझने की कोशिश की गयी कि नया कोरोना वायरस किसी सतह पर या हवा में कितनी देर तक ज़िंदा रह सकता है। हालांकि, इस दिशा में अभी भी और रिसर्च करने की आवश्यकता है।

मंगलवार (17 मार्च) को प्रकाशित इस स्टडी के कुछ मुख्य पॉइंट ये हैं-

  • नया कोरोना वायरस प्लास्टिक और स्टिल जैसी सतहों पर हवा में 72 घंटों तक ज़िंदा रह सकता है।
  • कॉपर यानि कांसे पर यह 4 घंटों तक सक्रिय पाया गया। जबकि, कार्ड बोर्ड (गत्ते) पर ट्रांसफर होने के बाद यह 24 घंटे तक एक्टिव था।
  • वहीं एयरोसोल्स(aerosols) में यह 3 घंटों तक सक्रिय रहा।

प्लास्टिक पर कई घंटों तक एक्टिव रहता है कोरोना का नया वायरस:

इस स्टडी में इस ओर इशारा किया गया कि नये कोरोना वायरस का स्थानांतरण एयरोसोल्स जैसी वस्तुओं के माध्यम से संभव है। एक रिसर्चर ने कहा कि, यह वायरस एयरोसोल्स में कई घंटों तक सक्रियता के साथ मौजूद पाया जा सकता है। जबकि, कुछ विशेष सतहों या वस्तुओं पर कई दिनों तक यह मौजूद रह सकता है।

इन बिंदुओं के आधार पर कहा जा सकता है कि कोविड1-19 की वजह बने वायरस एसएआरएस-कोरोनावारस-1 (SARS-CoV-1) की तरह ही नया वायरस एसएआरएस-कोरोनावारस-2 (SARS-CoV-2) भी हॉस्पटिल जैसी जगहों पर तेज़ी से फैल सकता है। जहां, एक संक्रमित व्यक्ति कई लोगों को इंफेक्शन देने का काम कर सकता है।

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