अध्ययन में हुआ खुलासा, कोरोनावायरस नाक, गले, फोफड़ों के साथ ही कान को भी कर सकता है संक्रमित

कोरोना से संबंधित एक ऐसी स्टडी सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि कोरोनावायरस सिर्फ नाक, गले और फेफड़ों को ही बुरी तरह से प्रभावित नहीं करता है, बल्कि यह कान को भी संक्रमित कर सकता है।

WrittenBy

Written By: Anshumala | Updated : August 9, 2020 10:22 PM IST

दुनियाभर में फैले कोरोनावायरस का संक्रमण (Coronavirus infection in hindi), प्रसार और कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। दुनियाभर में अब तक 1 करोड़ 96 लाख से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। जबकि 7 लाख 27 हजार 759 लोगों की मौत हो चुकी है। भारत में 21 लाख 53 हजार से भी अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। यहां मरने वालों की संख्या 43, 379 हो चुकी है। कोरोना के मामले इसलिए भी बढ़ रहे हैं, क्योंकि लॉकडाउन खोल दिया गया है।

कई लोगों में कोरोना के लक्षण (Corona symptoms in hindi) नजर नहीं आ रहे हैं, जो दूसरों को भी संक्रमित कर रहे हैं। कोरोना से संबंधित कई ऐसी स्टडी सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि कोरोनावायरस शरीर में जाकर नाक, गले और फेफड़ों को बुरी तरह से प्रभावित करता है। इससे संक्रमित हो चुके लोगों में ठीक होने के बाद भी कई समस्याएं नजर आ रही हैं। शरीर के कई अंगों भी कोरोना का नकारात्मक असर पड़ रहा है। हाल ही में हुए एक शोध में यह बात भी सामने आई है कि कोरोनावायरस कान को भी संक्रमित (coronavirus can infect ear in hindi) कर सकता है।

कान के पीछे की हड्डी में कोरोना इन्फेक्शन

एक रिपोर्ट के अनुसार, अध्ययन में उन कोरोना से संक्रमित (Coronavirus infection in hindi) तीन मरीजों को शामिल किया गया, जिनकी मौत इस घातक वायरस के कारण हो चुकी थी। मरीजों की उम्र 60 और 80 साल के बीच थी। इन मरीजों के कान के पीछे की हड्डी में कोरोना इन्फेक्शन पाया गया था। कान के साथ ही मेस्टॉयड हड्डी को भी संक्रमित करता है कोरोनावायरस। जॉन हॉपकिंस स्कूल ऑफ मेडिसिन के अनुसार, जब से इस अध्ययन के जरिए पता चला है कि कोरोना इंसान के कान को भी संक्रमित (Coronavirus infection in hindi) कर सकता है, उसके बाद से कोरोनावायरस के लक्षण (symptoms of coronavirus in hindi) वाले लोगों में कान की भी जांच की जानी चाहिए। यदि आपको कोरोना हो गया है, तो अपने कान की भी जांच जरूर करवा लें।

अध्ययन में 80 वर्षीय कोरोना पेशेंट के दाहिने कान के बीच में कोरोनावायरस पाया गया। वहीं, 60 वर्षीय कोरोना मरीज के दोनों कान के मध्य में कोरोनावायरस था। अध्ययनकर्ताओं ने कहा है कि उन दोनों ही मरीजों में इस संक्रमण के कारण सुनने की क्षमता भी कम हो गई थी।

डब्ल्यूएचओ की चेतावनी, गरीब देशों की उपेक्षा करके अमीर देश कोरोना से सुरक्षित रहने की ना करें उम्मीद 

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source