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Coronavirus in Winters: कोरोना वायरस महामारी को लेकर देश में अभी भी चिंताजनक स्थिति बनी हुई है। मंगलवार 13 अक्टूबर को देश में कोरोना वायरस के कुल मामलों की संख्या 71 लाख से अधिक थी वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक देश में कोविड से कुल 109856 लोगों की मृत्यु हो गयी है। अब नीति आयोग ने कहा है कि, आनेवाली सर्दियों में देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर आ सकती है। (Second Wave of Coronavirus in Winters)
आयोग के अनुसार, सर्दी और त्योहारों के मौसम में देश में कोविड-19 की दूसरी लहर का खतरा है। बता दें कि, मंगलवार को राष्ट्रीय कोविड-19 टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ.वी.के. पॉल ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान सर्दियों के मौसम में कोरोना संक्रमण बढ़ने की आशंका जतायी। चेतावनी देते हुए डॉ. वी.के. पॉल ने कहा कि, "चूंकि हमारी स्वास्थ्य प्रणाली अब इस संक्रमण का सामना करने के लिए तैयार है, इसीलिए मृत्युदर बहुत कम रहेगी। (Coronavirus in Winters in India):
गौरतलब है कि, कोरोना वायरस महामारी की शुरूआत सर्दियों के मौसम में हुई थी। डॉ.पॉल ने भी इस बारे में कहा, "कोविड-19 वायरस की प्रकृति पर ध्यान देने के साथ अगर यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) में कोविड-19 केसेस में हो रही लगातार बढ़ोतरी को देखें, तो हम यही कहेंगे कि ठंड के मौसम में कोविड-19 के केसेस में इज़ाफा होगा। जैसे कि, कोरोना वायरस की प्रवृत्ति ठंडे वातावरण में पनपने की है। इसलिए, इस बात की संभावना है कि सर्दियों के मौसम में यह संक्रमण बहुत बढ़ेगा। यही नहीं, यह इंफेक्शन पहले से अधिक गम्भीर होगा।"
प्रेस ब्रीफींग के दौरान, डॉ.पॉल ने मौसम बदलने के साथ अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि, त्योहारों के दौरान मेले और सभाओं में लोगों को एक जगह जुटना नहीं चाहिए। क्योंकि, सुपर स्प्रेडर इवेंट में तब्दील हो सकते हैं, और ऐसे स्थानों पर कोविड-19 बहुत ही तेज़ी से फैल सकत है।
"अब यह स्पष्ट हो चुका है कि कोविड-19 के मरीज़ों में संक्रमण के लक्षण उजागर होने से 2-3 दिन पहले से ही वायरस दूसरों तक फैलना शुरू हो जाता है। इसीलिए, ऐसे में अगर बिना लक्षण वाला कोई असिम्पोटेमिक कोविड-19 मरीज़ किसी समारोह में हिस्सा लेता है तो उससे कई लोगों में संक्रमण फैल सकता है।"
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए, पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया, सेंटर फॉर कंट्रोल ऑफ क्रॉनिक कंडीशंस के डायरेक्टर डॉ.प्रभाकरण दुरैराज ने बताया कि, "सर्दियों के मौसम में ज़्यादातर वायरल बीमारियां बढ़ जाती हैं। लेकिन, सार्स-कोव (SARS COV-2) गर्मियों के मौसम में समान रूप से फैल रहा था। इस समय दुनिया के कई देशो में सर्दियों का मौसम आ चुका है और वहां कोरोना संक्रमण भी बढ़ रहा है। इसीलिए, भारत में सर्दियों में कोरोना वायरस की दूसरी लहर आ सकती है।" (Coronavirus in Winters)
इसके अलावा, सर्दियों में बढ़ने वायु प्रदूषण (Air Pollution in Winters), स्मॉग, धुंध और कोहरे से स्थिति और भी ख़राब हो सकती है। गौरतलब है कि, इस बीच भारत के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने भी लोगों को त्योहारों और सर्दियों के मौसम में लोगों को कोविड-19 से सुरक्षित रहने के प्रयास करने के लिए कहा है। क्योंकि, त्योहारी मौसम में बाज़ार और दुकानें खुलने के साथ सोशल डिस्टेंसिंग में कमी और संक्रमण फैलने का डर बढ़ गया है।