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Written By: Anshumala | Updated : November 18, 2020 8:01 AM IST
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दिल्ली में कोरोना (Coronavirus in Delhi) रोगियों की संख्या आने वाले कुछ दिनों में बढ़ सकती है। कोरोना रोगियों का आंकड़ा 15,000 रोगी प्रतिदिन तक पहुंच सकता है। दरअसल, दिल्ली में अब पहले के मुकाबले दोगुने आरटी पीसीआर टेस्ट किए जाएंगे। वहीं, दिल्ली में प्रतिदिन होने वाले कुल कोरोना टेस्ट की संख्या भी जल्द ही दोगुनी कर दी जाएगी। इनमें कोरोना एंटीजन टेस्ट भी शामिल है। स्वयं दिल्ली सरकार द्वारा किए गए एक आकलन के मुताबिक, दिल्ली में प्रतिदिन सामने आने वाले नए कोरोना रोगियों की संख्या 15,000 तक पहुंचने की आशंका है।
सीएम अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) ने कहा, "केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को पत्र लिखकर केंद्र सरकार के अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए बेड बढ़ाने का अनुरोध किया है। दिल्ली सरकार ने आने वाले सप्ताह में प्रतिदिन 15 हजार कोरोना वायरस के मरीज आने की आशंका के मद्देनजर बेड बढ़ाने का अनुरोध किया गया है।"
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, "अभी दिल्ली में हम लोग 60 हजार टेस्ट प्रतिदिन कर रहे हैं, अब इसको बढ़ाकर 1 लाख से सवा लाख प्रतिदिन करना है। जिसमें आइसीएमआर ने आश्वस्त किया है कि जो भी व्यवस्थाएं होंगी, उसमें केंद्र सरकार से मदद मिलेगी। क्योंकि दिल्ली सरकार की जो सुविधाएं हैं, वह अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही है।"
गौरतलब है कि रविवार को कोरोना (Coronavirus in Delhi in hindi) जांच के दौरान 15 फीसदी से अधिक लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। ऐसे में दिल्ली में प्रतिदिन 1 से सवा लाख कोरोना टेस्ट किए जाते हैं तो कोरोना पॉजिटिव आने वाले व्यक्तियों की संख्या 15,000 से अधिक हो सकती है। हालांकि यदि पॉजिटिविटी रेट कम होता है, तो फिर नए कोरोना रोगी कम आएंगे और स्थिति में सुधार देखा जा सकता है।
दिल्ली सरकार ने कहा, "दिल्ली (Coronavirus latest update in Delhi) ने आने वाले सप्ताह में प्रतिदिन 15 हजार कोरोना वायरस के मरीज आने की आशंका के मद्देनजर बेड बढ़ाने का अनुरोध किया गया है।" बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच दिल्ली में 'बीआईपीएपी' मशीन का इस्तेमाल अस्पतालों में अस्थायी आईसीयू बेड तैयार करने के लिए किया जाएगा। इसे आमतौर पर 'बीआईपैप' के रूप में जाना जाता है। यह एक प्रकार का वेंटिलेटर है। यह एक ऐसा उपकरण है जो सांस लेने में मदद करता है। इस प्रक्रिया को 'सकारात्मक दबाव वेंटिलेशन' कहा जाता है, क्योंकि यह डिवाइस हवा के दबाव से रोगी के फेफड़ों को खोलने में मदद करता है।
दिल्ली सरकार के मुताबिक कोविड-19 मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विभिन्न अस्पतालों में बेड बढ़ाने के लिए बहुत गंभीरता से ध्यान दिया है। दिल्ली सरकार ने सभी निजी अस्पतालों से कोविड मरीजों के लिए बेड की संख्या बढ़ाने और कोरोना मरीजों के लिए 80 फीसदी बेड आरक्षित करने के लिए कहा है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, कोरोना के सक्रिय मामलों में अक्टूबर से आई कमी, रिकवरी रेट में भी सुधार