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Written By: Kishori Mishra | Updated : May 8, 2020 6:55 PM IST
Preliminary findings of studies indicate that this mink-associated variant has moderately decreased sensitivity to neutralizing antibodies.
Coronavirus In Animals: इंसानों में कोरोनावायरस तेजी से फैल रहा है। ये खबर आप रोजाना बढ़ते ही होंगे, लेकिन अब धीरे-धीरे जानवर भी इस वायरस की (Coronavirus In Animals) चपेट में आ रहे हैं। जी हां, आपने कुछ दिनों पहले कुत्ते, बाघ, बिल्ली के बारे में पढ़ा होगा, जो कोरोना पॉजीटिव पाए गए थे। अब इस लिस्ट में ऊदबिलाव (Mink) भी शामिल हो गया है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, नीदरलैंड्स के एक फार्म में दो ऊदबिलाव (Mink) कोविड-19 (Covid 19) से संक्रमित पाए गए हैं।
बता दें कि पिछले महीने न्यूयॉर्क से खबर सामने आई थी कि यहां के एक चिड़ियाघर में बाघ कोरोना पॉजीटिव पाए गए हैं। खबरों के मुताबिक, बाघों को उनका ध्यान रखने वाले कर्मचारियों से कोरोनावायरस हुआ था।
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इसे लेकर मेलबर्न विश्वविद्यालय के डॉ. पेटा हिचेंस ने कहा कि लुप्तप्राय वन्यजीवों के लिए कोरोनावायरस "विनाशकारी" साबित हो सकता है, इसलिए हमें अब उन्हें बचाने की कोशिश करनी चाहिए। इसमें तस्करी और वन्यजीव व्यापार पर पूरी तरह से नियंत्रण करना होगा।
डॉक्टर हिचेंस ने कहा कि मिंक का कोरोना पॉजीटिव होना बहुत ही आश्चर्य करने की बात है। उन्होंने कहा कि साल 2003 में SARS फैला था, उस समय कम से कम 16 प्रजातियां इस वायरस की चपेट में आए थे। इसमें ऊदबिलाव, चमगादड़, बिज्जू (palm civet), होर्सशू चमगादड़ की प्रजातियां, लाल लोमड़ी, जंगली सूअर, पालतू बिल्ली, रैकून और कुत्ते जैसे जानवर शामिल थे।
नीदरलैंड्स के अधिकारियों का मनना है कि ऊदबिलाव में कोरोनावायरस खेतों में काम करने वाले किसानों से हुआ है। इन किसानों को काफी समय से क्वारंटाइन में रखा गया था। इनके मुताबिक, साल 2013 में ही ऊदबिलाव को पालने पर रोक लगा दी गई थी। वहीं, मौजूदा फार्म को 2024 तक ऊदबिलाव को रखना बंद करना होगा।
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अंतरराष्ट्रीय और यूके की ह्यूमन सोसाइटी की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर क्लेयर बास ने कहा कि कई सालों से जानवर परेशानी झेल रहे हैं। अब इस वायरस के फैलने का भी डर लगा हुआ है। अब फैशन इंडस्ट्री के पास फर-फ्री होने का काफी अच्छा मौका है। इसके साथ ही सरकार को भी जानवरों की बिक्री पर रोक लगानी चाहिए। उन्होंने कहा, " कोविड-19 के प्रकोप से हमें एक बात सीखने को जरूर मिली है कि अगर हम जानवरों का इस्तेमाल करना नहीं छोड़ेंगे, तो इसके परिणाम मानव और जानवरों दोनों के लिए गंभीर हो सकते हैं।"
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