
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : April 13, 2021 12:20 PM IST
अब तक बिहार से कोरोना संक्रमण के मामले आ तो रहे थे लेकिन जिस स्पीड से अब आ रहे हैं तो वाकई चौंकाने वाला है। बिहार में जहां एक ओर भारी संख्या में लोग कोरोना संक्रमण का शिकार हो रहे हैं तो वहीं राज्य में रिकवरी रेट घट गई है। यानि कि राज्य में अगर कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित हो रहा है तो जल्दी सही नहीं हो पा रहा है। बिहार में मरीज पहले की तुलना में काफी देर से संक्रमणमुक्त हो रहे हैं और रिकवरी रेट काफी घट गई है। पिछले महीने बिहार की रिकवरी रेट 99 प्रतिशत से ज्यादा थी जो अब घटकर 93 प्रतिशत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की माने तो संक्रमितों की संख्या में वृद्धि के बाद संक्रमणमुक्त होने की दर में गिरावट आई है, जिससे रिकवरी रेट गिरा है।
बिहार में पिछले 1 हफ्ते के अंदर ही रिकवरी रेट 3 प्रतिशत तक घट गई है। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा राज्य में सात अप्रैल को 85,050 नमूनों की जांच की गई थी, इनमें से 1527 नए संक्रमित मिले थे। राज्य में इस दिन संक्रमण दर 1.79 प्रतिशत थी, जबकि स्वस्थ होने की दर 97.24 प्रतिशत थी। जबकि 20 मार्च को संक्रमणमुक्त होने की दर 99.23 प्रतिशत दर्ज की गई थी, जिसमें लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। 25 मार्च को संक्रमणमुक्त होने की दर गिरकर 99.06 प्रतिशत तक पहुंच गया था, जबकि उसके बाद यानी 31 मार्च यह दर गिरकर 98.81 फीसदी दर्ज की गई थी।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, आठ अप्रैल को संक्रमणमुक्त होने की दर 96.68 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि नौ अप्रैल को यह गिरकर 96.03 प्रतिशत और 10 अप्रैल को लुढ़ककर 95.13 प्रतिशत तक पहुंच गया। 11 अप्रैल को यह आंकड़ा लुढ़ककर 94.24 प्रतिशत तक पहुंच गया। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी कहते हैं कि राज्य में 12 अप्रैल को जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 80,018 नमूनों की जांच की गई थी, जिसमें 2,999 नए संक्रमितों की पहचान की गई थी। इसी दौरान 636 लोग संक्रमणमुक्त होकर अपने घर भी गए। इस तरह राज्य में सोमवार का रिकवरी रेट 93.48 प्रतिशत तक पहुंच गया।
बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या गांव नहीं बल्कि शहरों में है। पटना सदर अनुमंडल में माइक्रो कंटेनमेंट जोन की संख्या 163 है, जबकि पालीगंज में माइक्रो कंटेनमेंट जोन की संख्या मात्र नौ है। इधर, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि राज्य के सभी अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए बेड बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पटना एम्स, पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल सहित सभी अस्पतालों में बेड बढ़ाने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि अधिकरियों को संपर्क में आए लोगों की अधिक से अधिक जांच करने के निर्देश दिए गए हैं और जिले के सविल सर्जनों को होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों के भी फीडबैक लेने के निर्देश दिए गए हैं।