
... Read More
Written By: Anshumala | Updated : June 8, 2020 6:35 PM IST
Image credits by: Coronavirus Infection: शरीर का यह एक अंग कोरोनावायरस के संपर्क में आया, तो आप हो जाएंगे संक्रमित।
Coronavirus Eye Safety : जब से कोरोनावायरस महामारी (Coronavirus pandemic) की शुरुआत हुई है, तब से एक्सपर्ट बार-बार लोगों को मास्क पहनने, हाथ धोने और सोशल डिस्टेंसिंग के रूल को फॉलो करने की बात कह रहे हैं। फिलहाल, इस जानलेवा वायरस से बचने के ये तीन तरीके ही सबसे सुरक्षित हैं। लेकिन, आज भी कुछ लोग बाहर जाते हैं, तो मास्क और ग्लव्स नहीं पहनते हैं। आज भारत में हर दिन मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अब तक यहां कोविड-19 से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या ढाई लाख के आंकड़े को पार कर गई है। अब तक इस वायरस को खत्म करने की कोई वैक्सीन तैयार नहीं हो सकी है, ऐसे में मास्क पहननकर और सोशल डिस्टेंसिंग के जरिए ही खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है।
यदि आप घर के बाहर जाते हैं, तो आपको मास्क पहनना ही होगा। अपने मुंह और नाक को बार-बार छूने से बचना होगा। नाक और मुंह के जरिए ही यह जानलेवा वायरस शरीर में प्रवेश कर जाता है। पर इन दोनों अंगों के अलावा भी एक अंग ऐसा है, जिसके जरिए कोरोनावायरस बड़ी आसानी से आपके शरीर के अंदर जाकर हमला बोल सकता है। क्या आप जानते हैं, कौन सा वो अंग (Coronavirus Eye Safety) है, जिसका खुला रहना आपके लिए खतरनाक हो सकता है?
कोरोनावायरस आपकी आंखों के जरिए (Coronavirus Eye Safety) भी आपके शरीर में प्रवेश कर सकता है। ऐसे में जितना जरूरी है नाक और मुंह को कवर करके रखना, उतना ही जरूरी है आंखों को भी प्रोटेक्ट (Eye protective) करना।
द लांसेट में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, आई प्रोटेक्शन पहनने से बहुत हद तो लोग कोरोनावायरस के प्रकोप से बच सकते हैं। यह बेहद जरूरी है कि आप घर से बाहर निकलते समय आई प्रोटेक्शन पहनकर जाएं। 16 देशों के नॉन हेल्थ-केयर और हेल्थ केयर सेक्टर में हुए 172 विश्लेषणात्मक अध्ययनों के सिस्टेमैटिक रूप से समीक्षा करने के बाद यह बात सामने आई है कि आंखों को आई प्रोटेक्शन से ढंका जाए, तो वायरस के फैलने की गति को धीमा किया जा सकता है।
Mask & Children: एक्सपर्ट की चेतावनी, 2 साल से कम उम्र के बच्चों को मास्क पहनाने से घुट सकता है दम
जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय द्वारा किए गए इस अध्ययन में कहा गया है कि कोरोनोवायरस आंखों के जरिए फैल सकता है। अध्ययन में कहा गया है कि अपनी आंखों की सुरक्षा करना उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना कि आप अपनी नाक और मुंह को वायरस से बचाने के लिए करते हैं।
अध्ययन में आगे बताया गया है कि यदि कोई कोविड-19 (COVID-19) संक्रमित व्यक्ति आपके पास छींकता या खांसता है, तो संक्रामक बूंदें (Droplets) आपकी आंखों में जा सकती हैं और आपकी कोशिकाओं में घुसपैठ कर सकती हैं। जिस तरह से आप अपनी नाक और मुंह को मास्क से ढंकते हैं, उसी तरह से अपनी आंखों को प्रोटेक्टिव चश्मे से ढंककर रखा जाए, तो कोरोनोवायरस के संक्रमित होने की संभावना को सीमित किया जा सकता है।
Seasonal Diseases: बदलते मौसम में हो सकती हैं ये बीमारियां, जान लें फ्लू और कोरोना फीवर में फर्क
द लांसेट के अध्ययन के सुझावों के अनुसार, विजर्स (wearing visors), फेस शील्ड्स (face shields), गॉगल्स (goggles) या बड़े चश्मे पहनने से मदद मिल सकती है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी के अनुसार, करेक्टिव लेंस या धूप का चश्मा संक्रमित बूंदों से आपकी आंखों को बचा सकता है, लेकिन चश्मे के किनारे, ऊपर या नीचे की तरफ खुला होने के कारण संभावना है कि संक्रमित बूंदें आंखों में चली जाएं। जिस तरह से आप अपने मास्क को साफ करते हैं, उसी तरह से अपनी आईवियर को साफ और कीटाणुरहित करना न भूलें। आईवियर को साफ करना उतना ही जरूरी है, जितना इसे पहनना।
Symptoms of Corona and Flu: कोरोनावायरस के लक्षण और फ्लू के लक्षणों में यूं करें फर्क
Covid-19 in India: सितंबर तक खत्म हो जाएगा भारत से कोरोना, स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का दावा
Coronavirus Mask: क्या कोरोना वायरस से बचने के लिए मास्क पहनना है जरूरी?
Disclaimer: The content on TheHealthSite.com is only for informational purposes. It is not at all professional medical advice. Always consult your doctor or a healthcare specialist for any questions regarding your health or a medical condition.