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सीसीडी ने किया सावधान, हवा से इस तरह फैल रहा है कोरोनावायरस

सीसीडी की नई गाइडलाइंस के अनुसार, छोटे-छोटे ड्रॉपलेट्स और कण जैसे ही वायरस के संपर्क में आते हैं, वह काफी तेजी से फैलने लगते हैं। ये कण हवा में कुछ मिनटों और घंटों तक रह सकते हैं। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि ये वायरस उन्हें भी संक्रमित कर सकते हैं, जो 6 फीट से अधिक दूरी बनाए रखते (Coronavirus Can Spread by Air) हैं।

Written by Kishori Mishra |Updated : October 7, 2020 8:46 PM IST

Coronavirus Can Spread by Air : कोरोनावायरस से बचने के लिए रोजाना कुछ ना कुछ नई गाइडलाइन जारी की जाती है। हाल ही में अमेरिका के सीडीसी (Centers for Disease Control and Prevention) ने एक नई गाइडलाइन्स जारी की हैं। सीडीसी का कहना है कि कोरोनावायरस हवा में भी फैल सकता है। एक महीने पहले सीसीडी ने ऐसा ही पोस्ट किया था, जिसे उन्होंने वापस ले लिया था। अब फिर से सीसीडी की ओर से यही बात की जा रही (Coronavirus Can Spread by Air) है।

सीसीडी की नई गाइडलाइंस के अनुसार, छोटे-छोटे ड्रॉपलेट्स और कण जैसे ही वायरस के संपर्क में आते हैं, वह काफी तेजी से फैलने लगते हैं। ये कण हवा में कुछ मिनटों और घंटों तक रह सकते हैं। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि ये वायरस उन्हें भी संक्रमित कर सकते हैं, जो 6 फीट से अधिक दूरी बनाए रखते (Coronavirus Can Spread by Air) हैं।

इस तरह से वायरस के प्रसार को एयरबोर्न ट्रांसमिशन के रूप में जाना जाता है। इसी कारण खसरा, तपेदिक और चिकन पॉक्स जैसे संक्रामक बीमारियां फैलती हैं। 6 फीट से अधिक दूरी बनाए रखने वालों को भी कोरोनावायरस अपनी चपेट में ले चुका है। इस बात के कई सबूत मिले हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ऐसा ट्रांसमिशन ऐसे स्थानों पर होता है, जहां वेंटिलेशन नहीं होता है।

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वैज्ञानिकों का कहना है कि वेंटिलेशन की कमी के कारण COVID-19 के संक्रमित व्यक्तियों के छोटे ड्रॉपलेट दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि संक्रमित व्यक्तियों में मौजूद ड्रॉपलेट्स बड़े या छोटे भी हो सकते हैं। इनमें कुछ इतने छोटे होते हैं कि दिखाई नहीं देते हैं। वहीं, कुछ कण तुरंत सूख जाते हैं।  वैज्ञानिकों की मानें तो कोविड-19 मुख्य रूप से ड्रॉपलेट के जरिए ही फैलता है।

कैसे हवा से फैलता है कोरोनावायरस

गुरुत्वाकर्षण की वजह से बड़े ड्रॉपलेट्स जमीन पर गिर जाते हैं और ये छोटे-छोटे ड्रॉपलेट्स और कणों में फैल जाते हैं। कुछ देर बाद इन कणों में स्वत: ही वायरस के कणों की संख्या कम हो जाती है। सीडीसी की ताजा गाइडलाइन और पहले के कुछ रिपोर्ट्स में स्वीकारती है कि 6 फीट की दूरी होने पर भी कोरोनावायरस फैल सकता है।

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