coronavirus cases in Delhi and NCR: दिल्ली में कोरोना वायरस के प्रति सजगता और जागरूकता के लिए छात्रों ने किया प्रयास, ‘नमस्ते मार्च’ का किया आयोजन

लोगों को कोरोनावायरस के प्रकोप से डरने के बजाय इसके संक्रमण से बचने के उपायों के बारे में जागरूकता और संक्रमित रोगियों का खयाल रखने के बारे में सही जानकारी लोगों तक पहुंचाना हर एक प्रशिक्षित नागरिक का कर्तव्य है. योगिक नमस्कार, जो प्रणामासन की अंजलि मुद्रा से लिया गया है, छुआछूत से फैलने वाली बीमारियों को रोकने के लिए अभिवादन के किसी भी और तरीके से ज्यादा प्रभावी है.

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Written By: Editorial Team | Published : March 8, 2020 10:59 AM IST

Coronavirus cases in Delhi and NCR: कोरोनावायरस (Coronavirus) के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए दिल्ली में छात्रों ने एक खास तरीका अपनाया। बच्चों ने एक नमस्ते रैली निकालकर लोगों को इस वायरस के प्रति सजग बनने की अपील की।  राष्ट्रीय राजधानी के लक्ष्मी नगर में ब्रिटिश लिंग्वा के तत्वाधान में कोरोनावायरस (Coronavirus) के संक्रमण, उस से बचाव एवं जागरूकता के लिए शनकवार को ‘नमस्ते मार्च’ का आयोजन किया गया. इस जन जागरण अभियान का संचालन प्रसिद्ध लेखक डॉ. बीरबल झा के नेतृत्व में किया गया, जिसमें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय नागरिकों से अभिवादन करने के लिए हाथ मिलाने, गले लगाने या किसी भी प्रकार का शारीरिक संपर्क की बजाय नमस्ते या नमस्कार करने की भारतीय संस्कृति को फिर से अपनाने की अपील की गई. (Coronavirus cases in Delhi and NCR in hindi)

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कोरोना वायरस से सुरक्षित रहने के लिए छात्रों का 'नमस्ते मार्च' (Coronavirus cases in Delhi and NCR):

चीन से शुरू हुए कोरोनावायरस (Coronavirus) के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विकास मार्ग के किनारे युवाओं ने अपनी छाती पर तख्तियां बांधकर और अपनी हथेलियों को जोड़कर एक लंबी मानव श्रंखला भी बनाई.

संचार कौशल प्रशिक्षण संस्थान ब्रिटिश लिंगुवा के अगुवा डॉ. झा ने कहा, “लोगों को कोरोनावायरस के प्रकोप से डरने के बजाय इसके संक्रमण से बचने के उपायों के बारे में जागरूकता और संक्रमित रोगियों का खयाल रखने के बारे में सही जानकारी लोगों तक पहुंचाना हर एक प्रशिक्षित नागरिक का कर्तव्य है. योगिक नमस्कार, जो प्रणामासन की अंजलि मुद्रा से लिया गया है, छुआछूत से फैलने वाली बीमारियों को रोकने के लिए अभिवादन के किसी भी और तरीके से ज्यादा प्रभावी है.”

इस अभियान में शामिल ब्रिटिश लिंग्वा के प्रशिक्षक मोहम्मद इमरान खान ने कहा, “नमस्कार, जो ऋग्वेद के समय से चलन में रहा है, भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. यह मानव जाति की खुशहाली और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है. इस समय जब पूरा विश्व COVID-19 के प्रकोप से सहमा हुआ है, ऐसे में नमस्ते मार्च जैसे जान जागरण अभियान के द्वारा लोगों को छुआछूत से फैलने वाली इस बीमारी के बारे में जागरूक करने और उन्हें इस संक्रमण से बचने के तरीके के बारे में बताना एक अत्यंत ही महत्वपूर्ण एवं सराहनीय कार्य है.”

साफ-सफाई है महत्वपूर्ण:

सामाजिक कार्यकर्ता रमाकांत चौधरी ने कहा, “भारतीय संस्कृति में स्वच्छता को महत्व देना और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखना, भगवान का स्वागत करने जैसा माना गया है. जहां उचित स्वच्छता है, वहां संक्रमण फैलने की संभावना कम से कम है. कोरोनावायरस से लड़ने के लिए स्वच्छता बनाए रखना अत्यंत ही महत्वपूर्ण है.”

स्टीफेनियन, विनोद सुखेजा ने कहा, “मैं ब्रिटिश लिंगुआ के तत्वावधान में मानव जाति की सुरक्षा के लिए इस जन आंदोलन का हिस्सा बनकर खुश हूं, जिसने एक तरफ भारतीय संस्कृति और लोकाचार को बढ़ावा दिया और दूसरी तरफ मानव जीवन की सुरक्षा के लिए लोगों को प्रेरित किया.”

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