Don’t Miss Out on the Latest Updates.
Subscribe to Our Newsletter Today!
- लेटेस्ट
- डिज़ीज़
- डाइट
- फिटनेस
- ब्यूटी
- घरेलू नुस्खे
- वीडियो
- पुरुष स्वास्थ्य
- मेंटल हेल्थ
- सेक्सुअल हेल्थ
- फोटो स्टोरी
- आयुष
- पेरेंटिंग
- न्यूज
कोरोना वायरस के बाद ज्यादातर लोगों ने अलग-अलग बीमारियों का अनुभव किया है। लेकिन हाल में आई एक स्टडी बताती है कि कोरोना के बाद लोगों में ब्लड क्लॉटिंग का खतरा तेजी से बढ़ा है। दरअसल, सर्कुलेशन जर्नल (Journal Circulation) में प्रकाशित एक बड़े अध्ययन की मानें तो साल 2020 के बाद बहुत से लोगों ने ब्लड क्लॉटिंग की समस्या का अनुभव किया है। स्थिति यह है कि 48 मिलियन लोग जिन्हें इस स्टडी में शामिल किया गया था उनमें से 10 हजार से ज्यादा लोगों में ब्लड क्लॉटिंग की समस्या हुई है। साथ ही ये शोध इस बारे में बहुत कुछ कहता है। आइए, जानते हैं विस्तार से।
शोध के लिए जनवरी 2020 से ग्रेट ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली में पंजीकृत 48 मिलियन लोगों के डेटा का विश्लेषण किया, जो दिसंबर 2020 तक के थे। शोधकर्ताओं ने पाया कि लगभग 1.4 मिलियन लोग जो कि कोरोना से पीड़ित थे, उनमें से 10,500 लोगों ने ब्लड क्लॉटिंग से संबंधित मुद्दों को विकसित किया।
इतना ही नहीं इस शोध में यह भी बताया गया है कि कोरोना होने के एक साल के भीतर ज्यादातर लोगों को स्ट्रोक और हॉर्ट अटैक हुआ शोधकर्ताओं ने पाया कि, इस दौरान लोगों की धमनियों में ब्लड क्लॉटिंग की समस्या हुई। जो कि हृदय और मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को अवरुद्ध करके दिल का दौरा या स्ट्रोक का कारण बना। हैरान करने वाली बात ये थी कि ये खतरा 22 तक बढ़ा।
कोरोना के बाद ज्यादातर लोगों में ब्लड क्लॉटिंग का क्यों बढ़ा, इस बारे में एक्सपर्ट इस शोध में बहुत कुछ बताते हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस आपके शरीर में सूजन पैदा कर सकता है। दरअसल, COVID शरीर में एक भड़काऊ प्रतिक्रिया को भड़काता है जो ब्लड क्लॉटिंग को बढ़ा सकता है और सर्कुलेटरी सिस्टम नुकसान पहुंचा सकता है। नतीजतन, शरीर में ब्लड क्लॉटिंग हो सकता है।
बता दें कि एक्सपर्ट का कहना है कि इस महामारी की शुरुआत से ही पता चल गया है कि जब आप कोविड से संक्रमित होते हैं, तो आपमें ब्लड क्लॉटिंग की प्रवृत्ति ज्यादा होती है। इस तरह ब्लड क्लॉटिंग के कारण विभिन्न अंगों को नुकसान हो सकता है।