सिगरेट पीते हैं तो हो सकता है कोरोना वायरस, धूम्रपान छोड़ने से होता है कोविड-19 का रिस्क कम !

हाल ही में एक स्टडी में बताया गया कि स्मोकिंग या धूम्रपान छोड़ने (Quitting Smoking) से गम्भीर कोरोना वायरस इंफेक्शन का ख़तरा कम होता है। इस स्टडी के मुताबिक, स्मोकिंग करने वाले (Smokers) लोगों को कोविड-19 इंफेक्शन (Covid-19 Infection) की चपेट में आने का रिस्क बहुत अधिक बढ़ जाता है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Published : May 20, 2020 7:10 PM IST

Coronavirus and Smoking: स्मोकिंग (Smoking)  से फेफड़ों (Lungs) को नुकसान पहुंचता है। जिससे, कोरोना वायरस (Coronavirus Pandemic) का खतरा बढ़ाने वाले रिसेप्टर प्रोटीन का निर्माण अधिक होता है। गौरतलब है कि, नोवेल कोरोना वायरस (Novel Coronavirus) मानव शरीर के सेल्स में प्रवेश करता है।  हाल ही में एक स्टडी में बताया गया कि स्मोकिंग या धूम्रपान छोड़ने (Quitting Smoking) से गम्भीर कोरोना वायरस इंफेक्शन का ख़तरा कम होता है। (Risk Of Coronavirus Outbreak)

इस स्टडी के निष्कर्ष जर्नल डेवलपमेंटल सेल (Journal Developmental Cell) में प्रकाशित हुए। जिनके मुताबिक, स्मोकिंग करने वाले (Smokers) लोगों को कोविड-19 इंफेक्शन (Covid-19 Infection) की चपेट में आने का रिस्क बहुत अधिक बढ़ जाता है। अमेरिका में कोल्ड स्प्रिंग हार्बर लेबोरेटरी के कैंसर जेनेटिसिस्ट तथा इस स्टडी से जुड़े प्रमुख लेखक जैसॉन शेल्टज़र ने कहा, ‘इस स्टडी में हमने देखा कि, सिगरेट का धुआं एसीई2 (ACE2) में व्यापक बढ़ोतरी होती है। जो कि वायरस के लिए मानव शरीर की सेल्स मे प्रवेश करने का माध्यम बनता है।‘

सिगरेट पीने वालों को है कोरोना वायरस का ख़तरा ज़्यादा (Coronavirus and Smoking) :

शोधकर्ताओं के मुताबिक, स्मोकिंग छोड़ देने से कोविड-19 इंफेक्शन (Covid-19 Infection) का ख़तरा कम हो सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस वायरस की चपेट में आने वाले लोगों में केवल कुछ हल्के लक्षण दिखायी पड़ते हैं। जबकि, गम्भीर समस्या होने पर मरीज़ों कों इंटेसिव केयर की ज़रूरत पड़ेगी।वैज्ञानिकों ने बताया कि विशेष रूप से 3 प्रमुख ग्रुप्स के लोगों को इस वायरस का ख़तरा बहुत अधिक है। इनमें पुरुष, बुज़ुर्ग और धूम्रपान करने वाले लोग शामिल हैं।

इन बातों को ध्यान में रखते हुए कुछ पुरानी प्रकाशित जानकारियों पर भी गौर किया गया। इस तरीके से यह समझने की कोशिश की गयी कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के लिए अधिक संवेदनशील माने जाने वाले इन ग्रुप्स में एसीई2 प्रोटीन के निर्माण से जुड़ी कुछ खास संकेत दिखायी पड़ते हैं या नहीं। इसके लिए इन तीनों संवेदनशील ग्रुप्स में शामिल लोगों के फेफड़ों में जीन की गतिविधियों पर ध्यान दिया गया।  जिसमें, सिगरेट के धुएं के सम्पर्क में आए चूहों और स्मोकिंग करने वाले मानवों में एसीई2 प्रोटीन का स्तर बढ़ा हुआ दिखायी पड़ा। सिगरेट पीने वाले लोगों में अन्य लोगों की तुलना में 30-55 फीसदी अधिक एसीई2 प्रोटीन का निर्माण पाया गया।

हालांकि, इस स्टडी के आंकड़ों में लोगों की उम्र या महिला-पुरुष के आधार पर कोई विशेष अंतर नहीं दिखायी पड़ा। सिगरेट पीने वाले लोगों में इस प्रोटीन की मात्रा बहुत अधिक देखी गयी। तो वहीं, सिगरेट पीना छोड़ देने वाले लोगों के शरीर में एसीई2 प्रोटीन का स्तर सिगरेट पीने वाले लोगों की तुलना में कम ही था। (Coronavirus and Smoking connection)

छोड़ दें धूम्रपान, कम हो गया कोविड-19 का रिस्क :

इस स्टडी में बताया गया है कि, श्वसन मार्ग में एसीई2 प्रोटीन के निर्माण में सबसे ज़्यादा योगदान देने का काम करता है श्वसन मार्ग में मौजूद म्यूकस। इन सेल्स को गॉब्लेट सेल्स कहा जाता है और ये श्वसन मार्ग में काफी अधिक मात्रा में होती हैं। सिगरेट का धुआं इन सेल्स को प्रोटीन बनाने के लिए उत्तेजित कर सकता है। इसीलिए, कोविड-19 के घातक इंफेक्शन से बचने के लिए सिगरेट पीने की आदत को कम करें।

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