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Written By: Kishori Mishra | Published : June 5, 2020 2:05 PM IST
Coronavirus and Inhaler : इस समय दुनिया की सबसे बड़ी परेशानी कोरोनावायरस है। कोरोनावायरस की वजह से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है। ये गंभीर बीमारी अस्थमा, बीपी और डायबिटीज रोगियों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। कोरोनावायरस से संक्रमित व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी होने लगी है, इसलिए ऐसे मरीजों के लिए ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने एक खास तरह का कोरोनावायरस इन्हेलर (Coronavirus and Inhaler) विकसित किया है। यह इन्हेलर कोरोनावायरस से लड़ने में मददकार साबित हो सकता है।
इस बारे में ब्रिटेन की साउथैम्प्टन यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स का कहना है कि कोरोनावायरस के मरीजों के लिए तैयार किए गए इस इन्हेलर (Coronavirus and Inhaler) में ऐसी दवा का इस्तेमाल किया गया है, जो मरीज के फेफड़ों पर कोरोनावायरस के असर को कम करती है। इस दवाई का कोड SNG001 बताया गया है।
रिसर्चर्स के अनुसार, इस इन्हेहर की दवा में खास तरह का प्रोटीन है, जिसे "इंटरफेरान बीटा" कहा जाता है। यह प्राकृतिक रूप से शरीर में तब बनता है, जब कोरोना का संक्रमण शरीर में पहुंचता है। इस इन्हेलर की मदद (Coronavirus and Inhaler) से कोरोना के मरीजों को वायरस से लड़ने में मदद मिलेगी।
120 मरीजों पर इसका ट्रायल शुरू किया गया है। ऐसे इलाज का इस्तेमाल मल्टीपल स्केलेरोसिस में किया जाता है। इस रिसर्च के दौरान जब हॉन्ग-कॉन्ग में दूसरी दवाओं के साथ इस इन्हेलर का इस्तेमाल किया गया, तो मरीजों में संक्रमण के लक्षण कम हुए।
अध्ययन के बारे में शोधकर्ताओं का कहना है कि जब कोरोना वायरस से पीड़ित मरीज इन्हेलर के जरिए ड्रग को खींचते हैं, तो यह सीधे फेफड़ों में जाती है, जो संक्रमण के असर को कम करने में हमारी मदद करते हैं। इससे गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को ठीक करने में मदद मिलेगी। अगर यह ट्रायल सफल हो गया तो साल के अंत तक इसके लाखों डोज तैयार किए जाएंगे।
शोधकर्ताओं के अनुसार, इस ट्रायल के दौरान मरीजों में कोरोना के लक्षण दिखने के 72 घंटे के अंदर इन्हेलर दिया जाएगा। इन मरीजों को एक दिन में सिर्फ एक ही डोज दी जाएगी। इस दौरान मरीज के शरीर में ऑक्सीजन का लेवल और तापमान पर डॉक्टर्स की नजर रहेगी। इस इन्हेलर का असर डॉक्टर 14 दिन तक देखेंगे। इस ट्रायल में 50 से अधिक उम्र के लोगों को शामिल किया जाएगा। 100 मरीजों पर ट्रायल पूरा होने के बाद इसके परिणाम जुलाई में जारी किए जाएंगे।
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