Coronavirus and Children: क्या आपका बच्चा कोविड-19 से जुड़ी ख़बरों को लेकर है डरा हुआ? ऐसे करें बच्चों से कोरोना वायरस के बारे में बात

कोरोना वायरस के फैलने और इससे बचने की कोशिशों के बीच बच्चों (Children)को स्कूल, कॉलेज जाने और घर के बाहर खेलने से मना किया जा रहा है। ऐसे में आपके बच्चों के मन में अगर कोरोना वायरस से जुड़े कोई सवाल हो तो, उन्हें समझाने के लिए इन बातों पर गौर करें

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : March 19, 2020 4:36 PM IST

Coronavirus and Children:जैसा कि कोरोना वायरस के मरीज़ों की संख्या में बहुत तेज़ी से इजाफा हो रहा है। ऐसे में भारत में यह वायरस एक बड़ी समस्या के तौर पर देखा जा रहा है। भारत में(coronavirus india) बहुत कम दिनों  में ही कोरोना के मामले सैकड़ों का आंकडा पार कर गए। गुरुवार 19 मार्च को देश में कोरोना वायरस के 168 मामले बताए गए। कोरोना वायरस के फैलने और इससे बचने की कोशिशों के बीच बच्चों(Children)को स्कूल, कॉलेज जाने और घर के बाहर खेलने से मना किया जा रहा है। ऐसे में आपके बच्चों के मन में अगर कोरोना वायरस से जुड़े कोई सवाल हो तो, उन्हें समझाने के लिए इन बातों पर गौर करें।(Parenting tip-how to talk to kids abut coronavirus)

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ऐसे करें बच्चों से कोरोना वायरस के बारे में बात

सबसे पहले अपने बच्चे से पूछें कि वह वायरस के बारे में क्या-क्या जानते हैं। इस बात को समझना महत्वपूर्ण है कि आपके बच्चे को कोरोना वायरस के बारे में कितनी जानकारी है। बच्चों को उनके दोस्तों, टीवी और न्यूज़पेपर जैसे माध्यमों से जितवी जानकारी मिली हो। उसे समझें, अगर किसी प्रकार की ग़लत जानकारी बच्चे को मिली हो तो, उसे, करेक्ट करें। अगर, बच्चे डरे हुए हों , तो उनकी हिम्मत बढ़ाएं और उनके मन से डर निकालने की कोशिश करें।

खुद शांत रहें और बच्चे को भी शांत कराएं

अपने मन की बेचैनी को कंट्रोल में रखें, खुद के डर और तनाव को कम करें। फिर, अपने बच्चे से बात करें। इस जानलेवा वायरस के बारे में अगर आप खुद आशंकित या परेशान रहेंगे तो आपके बच्चे से बातचीत करने से उसके मन का डर बढ़ सकता है।

बच्चे के डर को समझें

अगर आपके बच्चे के मन में यह बात बैठ गयी है कि कोरोना वायरस की वजह से उसकी मौत हो सकती है। तो, ऐसे में केवल उसे यह कहना काफी नहीं होगा कि, बेटा तुम बिल्कुल ठीक रहोगे। बल्कि, ऐसे वक्त मेंउसकी मानसिक दशा को समझें। अगर, बच्चा अपनी बात कहते समय बहुत डरा हुआ और परेशान महसूस करे। तो, उससे कुछ समय बाद बात करें। जब, वह कम परेशान और कम बेचैन रहे, तब उससे बात करने में ही समझदारी होगी। क्योंकि, वह तभी आपकी बातें शांति से सुन और समझ सकेगा।

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