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चीन में हुआ कोरोना वैक्सीन का इंसानों पर सफल टेस्ट, 6 महीने में आ जाएगा परिणाम, जल्द हो सकेगा उपलब्ध

द लांसेट पत्रिका में प्रकाशित हुए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि क्लिनिकल ट्रायल के पहले चरण में चीन में तैयार कोरोनावायरस का नया टीका वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक प्रतिक्रिया उत्पन्न करने में सक्षम रहा है। साथ ही यह मनुष्यों के लिए सुरक्षित भी साबित हुआ है।

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Written By: Anshumala | Updated : May 26, 2020 8:02 AM IST

कोरोनावायरस (Coronavirus) का कहर बदस्तूर जारी है। हर दिन भारत में कोविड-19 (Covid-19 in india) से संक्रमित लोगों का आंकड़ा बढ़ रहा है। दुनिया भर में अमेरिका कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देश है। वहां संक्रमितों का आंकड़ा 16 लाख के पार जा पहुंचा है। अब तक सबसे ज्यादा मौतें भी वहीं हुई हैं। हालांकि, चीन से शुरू हुआ कोरोना का कहर अब वहां थम गया है। वहां नए मामले कम सामने आ रहे हैं। चीन से एक अच्छी खबर यह भी आ रही है कि चीन ने कोरोनावायरस वैक्सीन (corona vaccine) का टेस्ट इंसान पर कर लिया है, जिसके परिणाम अच्छे आए हैं। बताया जा रहा है कि 6 महीने में फाइनल रिजल्ट के आंकलने के बाद यह पता चल सकेगा कि ये वैक्सीन कितनी कारगर साबित होगी और इंसानों के लिए यह कितनी सुरक्षित होगी।

द लांसेट पत्रिका में प्रकाशित हुए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि क्लिनिकल ट्रायल के पहले चरण में चीन में तैयार कोरोनावायरसका नया टीका (corona vaccine) वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक प्रतिक्रिया उत्पन्न करने में सक्षम रहा है। साथ ही यह मनुष्यों के लिए सुरक्षित भी साबित हुआ है। यह अध्ययन 108 लोगों पर किया गया। अध्ययन में दावा किया गया है कि यह टीका सार्स-सीओवी-2 को समाप्त करने वाले एंटीबॉडी उत्पन्न करने के साथ ही इम्यून सिस्टम की टी-कोशिकाओं के जरिए खास प्रतिक्रिया भी उत्पन्न की।

चीन के बीजिंग इस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं का कहना है कि अभी यह साबित करने के लिए अन्य शोध करने बाकी हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सार्स-कोविड-2 इंफेक्शन के खिलाफ यह वैक्सीन कितना सुरक्षित है और किस तरह असर करता है। अध्ययन में शामिल सभी 108 हेल्दी लोगों को पर टेस्ट किया गया। लगभग 28 दिनों के बाद इस नए वैक्सीन ने पॉजिटिव रिजल्ट दिखाए। अभी फाइनल रिजल्ट के लिए अगले 6 महीने तक इसका आंकलन किया जाएगा कि यह कितना असरदायक होगा।

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अध्ययन में शामिल सह लेखक वेई चेन के अनुसार, पहले चरण का पॉजिटिव रिजल्ट हमारे लिए किसी महत्वपूर्ण कामयाबी से कम नहीं है। टेस्ट में यह साबित हुआ है कि ‘एडेनोवायरस टाइप 5 वेक्टर्ड कोविड-19’ (एडी5-एनसीओवी) की एक खुराक सिर्फ 14 दिनों में ही इस जानलेवा कोरोनावायरस के खिलाफ टी सेल्स (T-cells) और एंटीबॉडी को पैदा किया है। इस टेस्ट के लिए एडेनोवायरस टाइप 5 वेक्टर्ड कोविड-19 नामक वैक्सीन (corona vaccine) का इस्तेमाल इंसानों पर किया गया है। अब तक यह इंसानों पर जांचा गया पहला टीका या वैक्सीन है।

वेई चेन का कहना है कि वैक्सीन ‘एडेनोवायरस टाइप 5 वेक्टर्ड कोविड-19’ में सर्दी-जुकाम का कारण बनने वाले कमजोर पड़े एडेनोवायरस (adenovirus) का इस्तेमाल किया गया। यह वायरस कोशिकाओं में सार्स-सीओवी-2 स्पाइक प्रोटीन के लिए कोडिंग का काम करने वाली अनुवांशिक सामग्री का निर्माण करता है। ये कोशिकाएं फिर से स्पाइक प्रोटीन पैदा करती हैं और दोबारा ये कोशिकाएं स्पाइक प्रोटीन की पहचान कर इस जानलेवा कोरोनावायरस को बेअसर करने का काम करती हैं। फिलहाल, इस वैक्सीन (coronavirus vaccine) का आंकलन किया जाएगा और 6 महीने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि यह टीका कितना कारगर साबित होगा।

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