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कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीन (Corona Virus Vaccine) भारत में 16 जनवरी से शुरू होने वाली है। ऐसे में उन सभी लोगों को कोरोना का टीका लगाया जाएगा जो संक्रमण का शिकार हैं। लेकिन लोगों के मन में यह सवाल भी आ रहा है कि क्या उन लोगों को भी वैक्सीन लेनी पड़ेगी जिन्हें पहले कोरोना हुआ था लेकिन अब वह ठीक हो चुके हैं? तो एक्सपर्ट इसका जवाब हां में देते हैं। उनका कहना है कि कोरोना से रिकवर हो चुके लोगों को भी टीका लेने की जरूरत है। जॉन्स हॉपकिन्स संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अमेश अदलजा कहते हैं कि कोरोना से ठीक होने के बाद व्यक्ति की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है ऐसे में उनके दोबारा बीमार होने की संभावना रहती है। इसलिए अपने बचाव के लिए व्यक्ति को वैक्सीन लेनी चाहिए।
जॉर्ज मैसन यूनिवर्सिटी में संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ सस्किया पोपेस्कु कहती हैं कि आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली वायरस की पहचान करने और अपनी रक्षा करने में सक्षम है। हालांकि एक्सपर्ट अभी तक यह पता नहीं लगा पाए हैं कि कोरोना वायरस इम्युनिटी को कितने लंबे समय पर प्रभातिव करता है और इसे पहले जैसा होने में कितना समय लगता है। बायलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन में संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर प्रीतित कुलकर्णी यह जानना असंभव है कि व्यक्ति की इम्युनिटी कितनी मजबूत है। इसे जानने का कोई तरीका नहीं है।"
3 जनवरी को दो वैक्सीन, भारत बायोटेक कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविशिल्ड को आपातकालीन उपयोग के लिए अनुमोदित किया गया था। ऐसे में प्रधानमंत्री ने घोषणा की थी कि 16 जनवरी से देश में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान शुरू होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि प्राथमिकता के तौर पर पहले वैक्सीन तीन करोड़ स्वास्थ्यकर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर को लगाई जाएगी। इसके बाद 50 से ऊपर उम्र वालों को टीका दिया जाएगा। फिर उन लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी जो 50 से कम उम्र के तो हैं लेकिन कई तरह की बीमारियों से ग्रस्त हैं।