बांग्लादेशी वैज्ञानिक का दावा, कोविड वैक्सीन का प्रारंभिक परीक्षण सफल, दिसंबर तक उपलब्ध होने के आसार

Covid-19 vaccine update: बांग्लादेश की कंपनी ग्लोब बायोटेक लिमिटेड ने कोविड-19 वैक्सीन बनाने की प्रक्रिया में आगे बढ़ने का दावा किया है। ऐसा दावा करने वाली बांग्लादेश की इस पहली कंपनी ने कहा है कि कोविड-19 वैक्सीन का प्रारंभिक एनिमल मॉडलिंग परीक्षण सफल रहा है और उसका लक्ष्य दिसंबर 2020 तक बाजार में इस वैक्सीन को उपलब्ध कराना है।

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Written By: Anshumala | Updated : July 7, 2020 10:36 AM IST

Covid-19 vaccine update in hindi: बांग्लादेश (Bangladesh) की कंपनी ग्लोब बायोटेक लिमिटेड (Globe Biotech Limited) ने कोविड-19 वैक्सीन (Covid-19 vaccine) बनाने की प्रक्रिया में आगे बढ़ने का दावा किया है। ऐसा दावा करने वाली बांग्लादेश की इस पहली कंपनी ने कहा है कि कोविड-19 वैक्सीन (Vaccine) का प्रारंभिक एनिमल मॉडलिंग परीक्षण सफल रहा है और उसका लक्ष्य दिसंबर 2020 तक बाजार में इस वैक्सीन को उपलब्ध कराना है।

ग्लोब बायोटेक लिमिटेड के सहायक प्रबंधक एवं रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रभारी डॉ. आसिफ महमूद ने कहा कि 10 जून से 28 जून के बीच पांच खरगोशों पर प्रारंभिक परीक्षण करने के बाद सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं। इससे पहले, उन्होंने गुरुवार दोपहर को ढाका में वैक्सीन (Covid-19 vaccine update in hindi) के लिए प्रारंभिक परीक्षण में सफलता का दावा करने में टीम का नेतृत्व किया।

वैज्ञानिक डॉ. महमूद ने कहा कि हमारे पास इस महामारी के खिलाफ एक वैक्सीन का आविष्कार करने की क्षमता और अनुभव है। आठ मार्च को बांग्लादेश में एक कोविड-19 रोगी के सामने आने के बाद हमने अपना ध्यान सार्स-सीओवी-2 (SARS-Cov-2) पर केंद्रित कर दिया और 3 नए प्रोजेक्ट शुरू किए। इसमें एक यह है कि हम किट विकास करेंगे, नंबर दो हम देश के लिए टीका बनाएंगे और आखिरी में बायोलॉजिकल मॉलीक्यूल डेवलप करेंगे।

सीईओ और सीओओ की देखरेख में ग्लोब बायोटेक स्वतंत्र रूप से शोध कर रही है। दोनों ने कनाडा से टीम की निगरानी की है। वे इस मामले में अनुभवी हैं। डॉ. कानकोन प्रत्यक्ष रूप से एचआईवी वैक्सीन परियोजना में शामिल हैं। वह यहां अपने इस अनुभव का उपयोग कर रहे हैं। हम उनकी प्रत्यक्ष देखरेख में अनुसंधान कर रहे हैं। दोनों के नेतृत्व में 12 सदस्यीय वैज्ञानिक समूह ने 18 मार्च को शोध शुरू किया था।

सर्फेस प्लाज्मोन रेसोनेंस प्रक्रिया के जरिए हो रहा है टेस्ट

उन्होंने कहा कि हमने टेस्ट के लिए सर्फेस प्लाज्मोन रेसोनेंस (एसपीआर) विधि अपनाई है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें धातु की सतह के इलेक्ट्रॉन एक खास घटना कोण से उत्पन्न होने वाले प्रकाश के फोटान से उत्तेजित होते हैं और उसके बाद वे धातु सतह के समानांतर परिवर्धित होते हैं। यह एक ऑप्टिकल तकनीक है, जिसका इस्तेमाल आणविक परस्पर क्रिया के लिए किया जाता है। हमने दुनिया में उपलब्ध सभी डेटाबेस के सिक्वेंस का विश्लेषण किया, जिसमें बांग्लादेश में उपलब्ध सिक्वेंस भी शामिल हैं। हमने अपने विश्लेषण के जरिए लक्ष्य तय किए और उस लक्ष्य को संशोधित किए।

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खरगोश पर किया एनिमल ट्रायल

इसके जरिए हमें एक बहुत अच्छा एंटीबॉडी टिटर प्राप्त हुआ और उन एंटीबॉडीज ने हमारे एंटीजन के साथ मजबूत जुड़ाव दर्शाया है। हमारे पास अतिरिक्त कैडिडेट्स हैं, जिनमें से कुछ को हमने प्रेस को प्रस्तुत किए हैं, लेकिन कंपनी ने अभी किसी पेटेंट या प्रकाशन के लिए आवेदन नहीं किया है। हम प्रारंभिक एनिमल ट्रायल (Covid-19 vaccine update) में ही एंटीबॉडी पैदा होने के प्रमाण प्राप्त कर चुके हैं। अब इसे एक विनियमित एनिमल ट्रायल में परिवर्तित करने की जरूरत है, क्योंकि ह्यूमन ट्रायल के लिए हमें एथिकल मंजूरी के लिए इसे नियामक संस्था के पास जमा करना होगा। विनियमित ट्रायल को कुछ और कैरेक्टराइजेशन की जरूरत होगी। उसके बाद हम ह्यूमन ट्रायल के लिए अप्लाई करेंगे।

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हमने विनियमित एनिमल ट्रायल के दिशा-निर्देश पहले ही तैयार कर चुके हैं और चार से छह सप्ताह के भीतर परीक्षण पूरे हो जाएंगे। उसके बाद कंपनी बांग्लादेश मेडिकल रिसर्च काउंसिल (बीएमआरसी) से सितंबर के प्रारंभ में एथिकल मंजूरी मांगेगी, जब छह से सात सप्ताह के भीतर विनियमित एनिमल ट्रायल के डाटा हमारे पास आ जाएंगे।

उसके बाद हम तीन महीने के अंदर फेज 1, 2 और 3 को पूरा करने के बाद दिसंबर में नियामकीय प्राधिकार के पास बाजार अनुमति के लिए आवेदन करेंगे। यदि सबकुछ ठीक रहा तो हम दिसंबर तक अपना वैक्सीन बाजार में लाने में सक्षम हो सकते हैं।

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इनपुट: (आईएएनएस हिंदी)