
... Read More
Written By: Anshumala | Updated : July 17, 2020 9:32 PM IST
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की AZD1222 वैक्सीन का मानव ट्रायल हुआ सफल
Corona Vaccine India Update : कोविड-19 महामारी (Covid-19 Pandemic) का कहर अमेरिका, ब्राजील, भारत जैसे देशों में लगातार जारी है। पिछले 24 घंटे में अमेरिका में 77 हजार कोरोना के नए मामले दर्ज किए गए हैं, वहीं भारत में 24 घंटों में 35 हजार नए कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इस लगातार तेजी से बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए अब बस हर किसी को एक वैक्सीन का ही इंतजार है। कोरोना वैक्सीन पर इस समय देश-विदेश में लगभग 140 से भी अधिक वैक्सीन पर काम चल रहा है। कई देश पहले-दूसरे ट्रायल से भी आगे बढ़ चुके हैं। ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford University), मॉडर्ना (Moderna), एस्ट्रा-जेनेका (Astra-Zeneca) आदि कई ऐसी विदेशी कंपनियां हैं, जिनकी वैक्सीन ऐडवांस्ड फेज में पहुंच चुकी हैं। भारत में भी दो कंपनियों की वैक्सीन (Corona Vaccine India Update) का ह्यूमन ट्रायल शुरू हो गया है।
हरियाणा के हेल्थ मिनिस्टर अनिल विज ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि भारत में तैयार होने वाली कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine India Update in hindi) का ह्यूमन ट्रायल पीजीआई रोहतक (PGI Rohtak) में शुरू हो गया है। इस वैक्सीन को कोवैक्सिन (covid-19 vaccine COVAXIN) नाम दिया गया है। इस वैक्सीन को भारत बायोटेक कंपनी-आईसीएमआर ने बनाया है। कोवैक्सीन का सफल प्रयोग पहले खरगोश और चूहों पर किया जा चुका है। अब आज से इसका प्रयोग इंसानों पर शुरू किया गया है। फिलहाल जिन्हें भी यह वैक्सीन दिया गया है, उनमें किसी भी तरह का कोई साइड इफेक्ट नजर नहीं आया है।
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और भारत बायोटेक द्वारा मिलकर बनाई कोरोना वैक्सीन COVAXIN के लिए तीन वॉलंटिअर्स को एनरोल किया गया और इन सब पर वैक्सीन का असर बहुत सही हुआ है। इनमें किसी पर भी वैक्सीन के दुष्प्रभाव (Vaccine side effects) देखने को नहीं मिले। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR)- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरलॉजी (NIV) और भारत बायोटेक ने मिलकर Covaxin नाम से वैक्सीन बनाई है.
कोरोनावायरस (Coronavirus) के मामले हर दिन भारत में तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन वैक्सीन लाने के मामले में भारत की स्थिति मजबूत नजर आ रही है। भारत बायोटेक और आईसीएमआर की कोवैक्सीन ह्यूमन ट्रायल में भी परिणाम अच्छे नजर आए हैं। आईसीएमआर का कहना है कि भारत वैक्सीन की दौड़ में दुनिया में आगे के पायदान पर चल रहा है। वैक्सीन चाहे कोई भी देश बना ले, लेकिन उत्पादन के लिए भारत पर ही निर्भर रहना होगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि वैक्सीन की उत्पादन क्षमता में भारत और चीन अधिक सक्षम हैं। भारत में बड़े पैमाने पर कम समय में ही अधिक वैक्सीन बनाई जा सकती है। दुनिया भर में 60 प्रतिशत वैक्सीन भारत से ही बनकर जाती हैं। फिलहाल, दुनिया भर में 140 से अधिक अलग-अलग कोरोना वैक्सीन पर काम चल रहा है, जिसमें रूस सबसे आगे है। फिर, चीन, अमेरिका, यूरोप भी रेस में बने हुए हैं।
कोरोना से अब निपटेगी ‘कोवैक्सीन’, भारत बायोटेक ने तैयार किया टीका, 7 जुलाई से ह्यूमन ट्रायल
COVAXIN- पटना एम्स में आज से शुरू होगा ह्यूमन ट्रायल, जल्द बाजार में मिल सकती है वैक्सीन
आज शुरू होगा भारत की पहली कोविड-19 वैक्सिन Covaxin का ह्यूमन ट्रायल, 375 लोगों को दिया जाएगा यह टीका