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बच्चों में नहीं दिखाई देते कोरोना के लक्षण, हालत बिगड़ने पर इन 3 चीजों की पड़ेगी जरूरत
जैसा की अंदेशा जताया जा रहा है कि कोरोना की तीसरी लहर जल्द ही दस्तक देने वाली है और इस लहर का सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को होगा। चिंता की बात ये है कि कोविड संक्रमण वाले बच्चों में बुखार, खांसी और सांस की तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई नहीं देते हैं, इसलिए अब ज्यादा जांच के साथ-साथ सतर्कता की भी खासी जरूरत होती है। हाल ही में एक शोध सामने आया है, जिसमें शोधकर्ताओं ने बच्चों को कोविड की वजह से होने वाले नुकसान को लेकर चेतावनी दी है।
अमेरिका के अलबामा विश्वविद्यालय द्वारा किए गए इस शोध में बर्मिंघम के शोधकर्ता भी शमिल हुए थे। अध्ययन के मुताबिक, कोविड संक्रमण वाले बच्चों को अस्पताल में भर्ती होने, क्रिटिकल केयर और यांत्रिक वेंटिलेशन की आवश्यकता पड़ सकती है।
अध्ययन के लिए, टीम ने लगभग 12,000 बाल चिकित्सा कोविड रोगियों की पहचान की। टीम ने पाया कि सबसे आम लक्षणों में खांसी और सांस लेने में कठिनाई, मतली, उल्टी, दस्त और पेट में दर्द और बुखार, थकान, मांसपेशियों में दर्द और स्वाद और गंध की गड़बड़ी जैसे गैर-विशिष्ट लक्षण शामिल थे।
कार्डियोवस्कुलर डिजीज के डिवीजन में क्लिनिकल रिसर्च फेलो विभु परचा का कहना है कि वयस्कों की तुलना में बच्चों में खराब दैनिक परिणामों की दर अपेक्षाकृत कम है, फिर भी 5-6 प्रतिशत मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता होती है। अस्पताल में भर्ती होने वालों में से 18 प्रतिशत को गंभीर देखभाल की आवश्यकता होती है और 4 प्रतिशत को सांस लेने के लिए वेंटिलेटर की आवश्यकता होती है।"
अध्ययन में स्वास्थ्य देखभाल में नस्लीय असमानताओं को भी दिखाया गया है जो कि अल्पसंख्यक आबादी वाले बच्चों के बीच अस्पताल में भर्ती होने के उच्च जोखिम से स्पष्ट है।
यह निष्कर्ष नेचर साइंटिफिक रिपोर्ट्स जर्नल में प्रकाशित हुए हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अक्टूबर 2020 के एक दस्तावेज में बताया कि कोविड -19 वयस्कों की तुलना में बच्चों में बहुत कम है। बच्चों और किशोरों ने रिपोर्ट किए गए मामलों में से लगभग 8 प्रतिशत (और वैश्विक आबादी का 29 प्रतिशत) का प्रतिनिधित्व किया।
अध्ययन भारत में कोरोनावायरस की चल रही दूसरी और घातक लहर में कोविड -19 से संक्रमित कई बच्चों की स्थिति को प्रतिध्वनित करता है। हल्का बुखार, खांसी, सर्दी और पेट की समस्या जैसे लक्षणों के अलावा, कुछ ने शरीर में दर्द, सिरदर्द, दस्त और उल्टी की भी शिकायत की। 1 वर्ष से कम उम्र के बच्चे भी वायरस से संक्रमित थे।
कुछ बच्चे मल्टीसिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम (एमआईएस-सी) जैसी अधिक गंभीर जटिलताओं की भी रिपोर्ट कर रहे हैं। लगातार बुखार के साथ एक दुर्लभ सूजन की स्थिति हो रही है। यह आमतौर पर कोविड की शुरूआत के 2-4 सप्ताह के बाद होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने माता-पिता से अनुरोध किया है कि वे अपने बच्चों को बाहर न निकलने दें और उन्हें वायरस के संपर्क में न लाएं।