कोरोना के लक्षणों की पहचान के लिए तैयार किया गया खास सेंसर, जानें इसकी खासियत

डॉक्टर्स को ऐसे सेंसर (Corona Sensor) और डिवाइस की जरूरत है, जिससे तुरंत कोरोना के लक्षणों को पहचाना जा सके। इस सेंसर की मदद से संक्रमित व्यक्ति की पहचान सही समय पर हो जाएगी, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा कम होगा।

WrittenBy

Written By: Kishori Mishra | Updated : May 13, 2020 11:50 AM IST

Corona Sensors : कोरोना के लक्षणों की पहचान को लेकर डॉक्टर्स काफी परेशान हो गए हैं। कई बार कोरोना के ऐसे मरीजों का टेस्ट पॉजिटिव आया है, जिनमें कोरोना के किसी भी तरह के कोई लक्षण नजर नहीं आए। वहीं, कई ऐसे भी मरीज हैं, जिनके लक्षण काफी देरी से दिखते हैं। ऐसे में उन लोगों से कई लोग संक्रमित हो चुके रहते हैं। इस स्थिति को देखते हुए डॉक्टर्स को ऐसे सेंसर (Corona Sensors) और डिवाइस की जरूरत है, जिससे तुरंत कोरोना के लक्षणों को पहचाना जा सके। इस सेंसर की मदद से संक्रमित व्यक्ति की पहचान सही समय पर हो जाएगी, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा कम होगा।

डॉक्टर्स की  इन्हीं परेशानी को देखते हुए नॉर्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी, शिकागो और शर्ली रयान एबिलिटी लैब ने एक खास तरह का स्टीकर तैयार किया है। यह स्टीकर दिखने में बैंडएड की तरह है। इस स्टीकर को गले पर चिपकाया जाता है। इस स्टीकर में कई सारे सेंसर्स (Corona Sensors) लगे हैं, जिन्हें कोरोना सेंसर (Corona Sensors) भी कहा जा रहा है।

कोरोना वायरस को लेकर जगी आशा की किरण, ठीक हुए मरीज निभा सकते हैं बड़ी भूमिका

इस कोरोना सेंसर को अबतक 25 लोगों पर इस्तेमाल किया जा चुका है। इस सेंसर को वायरलेस चार्जर (Corona Sensor) से चार्ज किया जाता है। कोरोना सेंसर के डाटा को मोबाइल ऐप के जरिए लिंक किया जाता है। खासबात ये है कि इसमें कोई भी पोर्ट नहीं दिया गया है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सपोर्ट भी दिया गया है।

कोरोना सेंसर (Corona Sensors) को वैज्ञानिकों ने इस तरह डिजाइन किया है कि ये कफ, सांस लेने की गति, खांसी और वाइब्रेशन के आधार पर कोरोना के लक्षण के बारे में बता सकता है। इस बारे में नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जॉन रोजर ने कहा कि लोगों की प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए इस सेंसर में माइक्रोफोन का इस्तेमाल नहीं किया गया है। इस सेंसर में ट्राई एक्सिस एक्सीलेरोमीटर और हाई बैंडविड्थ का इस्तेमाल किया गया है, ताकि लोगों के सांस लेने के पैटर्न को ट्रैक किया जा सके। इस सेंसर की मदद से हर्ट रेट और शरीर का तापमान भी मापा जा सकता है। कोरोना सेंसर में ऑक्सीजन मीटर नहीं है, लेकिन इस बारे में रोजन ने कहा है कि सेंसर के अगले वर्जन में ऑक्सीजन मीटर का सपोर्ट दिया जाएगा।

कोरोनावायरस के उपचार के लिए पिप्पली पर हो रहा अध्ययन, जानें इसके फायदे और नुकसान

कुत्ता, बिल्ली और बाघ के बाद अब ये जानवर भी हुआ कोरोनावायरस का शिकार

Covid-19 Vaccine: इटली ने कोरोना वैक्सीन बनाने का किया दावा, इंसानों की कोशिकाओं पर हुआ सकारात्मक असर

कोरोना के मरीजों के लिए खतरनाक है कफ सिरप, वैज्ञानिकों का दावा

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source