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Written By: Jitendra Gupta | Published : April 22, 2021 8:55 PM IST
कोरोना की दूसरी लहर का खतरा अब गांव में बढ़ने के आसार, मजदूरों के लौटने से पहले बनाए जा रहे क्वारंटाइन सेंटर
जिस तरह से हर बीतते दिन के साथ कोरोना के नए मामलों की संख्या में इजाफा हो रहा है उसे देखकर ये कहना गलत नहीं है कि कोरोना की दूसरी लहर पहले से और भी ज्यादा खतरनाक है। एक तरह जहां पिछले साल कोरोना गांव में नहीं पहुंच पाया था वहीं अब इसकी चपेट में गांव भी आ सकते हैं। गांव में कोरोना के पहुंचने पर मंजर क्या होगा इसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता है। कई राज्यों में लॉकडाउन लगने के कारण मजदूर बड़ी संख्या में घरों को वापस लौट रहे हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में कोरोना का संक्रमण बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। इसी खतरे को देखते हुए अब सरकार ग्रामीण इलाकों में क्वारंटाइन सेंटर बनाने में जुट गई है।
देश के अलग-अलग राज्यों से बीते कुछ दिनों में मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी संख्या में मजदूरों की घरों को वापसी हुई है, खासकर बुंदेखलंड के मजदूर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब आदि इलाकों से लौट रहे हैं, क्योंकि इन राज्यों में कोरोना बढ़ने के कारण लॉकडाउन किया गया है और काम बंद कर दिए गए हैं। ये मजदूर विभिन्न स्थानों से बस, ट्रेन आदि से बड़ी संख्या में घर वापसी कर रहे हैं।
ऐसा बताया जा रहा है कि ग्रामीण इलाकों में भी कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने का खतरा बना हुआ है। यही कारण है कि राज्य में शहरों के बाहर अब तक 19,519 क्वारंटाइन सेंटर बनाए जा चुके हैं। इनमें दो लाख 30 हजार से ज्यादा बेड उपलब्ध हैं। यहां बाहर से आने वाले यात्रियों के अलावा गांवों में सर्दी, खांसी, बुखार वाले मरीजों को आइसोलेट भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कोरोना संक्रमण के कारण बनी परिस्थितियों में मजदूर भाई-बहनों को काम देने की पूरी व्यवस्था की गई है। काम की तलाश में उन्हें कहीं जाने की जरूरत नहीं है। मनरेगा के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यों में लगभग 21 लाख मजदूर नियोजित हैं। इन मजदूरों की हरसंभव सहायता की जाएगी। तीन महीने का निशुल्क राशन भी उनको दिया जा रहा है। श्रमिकों को मध्यप्रदेश से बाहर जाने की कोई जरूरत नहीं है।
चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश में जो मजदूर भाई-बहन आएंगे, उनका भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। चाय, नाश्ता, भोजन से लेकर जरूरत पड़ने पर काम देने तक सारी व्यवस्था करने का प्रयास होगा। यह कोशिश होगी कि मजदूर भाई-बहनों को कोरोना संकट के समय कोई परेशानी न हो।
भोपाल के जिलाधिकारी अविनाष लवानिया ने जिले से ग्रामों में आने वाले व्यक्तियों को शासकीय भवन, स्कूलों, पंचायत भवन में संस्थागत क्वारंटाइन करने के निर्देश दिये।
(सोर्स : आईएएनएस)