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सर्वे में 59.8 % लोगों ने जताई आशंका, परिवार का कोई भी सदस्य कोरोना से हो सकता है संक्रमित

एक सर्वेक्षण के नतीजे के मुताबिक, जब लोगों से पूछा गया कि वे निम्नलिखित उक्ति में किससे अधिक सहमत या असहमत हैं - मुझे डर है कि मेरे या मेरे परिवार का कोई सदस्य वास्तव में कोरोनावायरस की चपेट में आ सकता है, तो 59.9 प्रतिशत लोगों ने इससे सहमति जताई, जबकि 34.9 ने असहमति व्यक्त की।

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Written By: Anshumala | Published : July 24, 2020 11:36 AM IST

Corona Infection in india: भारत में जैसे-जैसे कोरोनावायर के मामले बढ़ रहे हैं लोगों में कोरोनावायरस महामारी (coronavirus pandemic) का डर भी बढ़ता जा रहा है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि 59.8 फीसदी लोगों का कहना है कि उन्हें इस बात का डर है कि उनके परिवार का कोई सदस्य कोरोना से संक्रमित हो सकता है। आईएएनएस-सी-वोटर सर्वेक्षण के नतीजे के मुताबिक, जब लोगों से पूछा गया कि वे निम्नलिखित उक्ति में किससे अधिक सहमत हैं या असहमत हैं - मुझे डर है कि मेरे या मेरे परिवार का कोई सदस्य वास्तव में कोरोनावायरस की चपेट में आ सकता है - 59.9 प्रतिशत लोगों ने इससे सहमति जताई, जबकि 34.9 ने असहमति व्यक्त की।

लोगों की इस प्रतिक्रिया से पता चलता है कि संक्रमण के खतरे (Corona Infection in hindi) का डर उनमें कितना ज्यादा है। इस सर्वेक्षण को चार महीने की अवधि में पूरा किया। मार्च में राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लगाए जाने के कुछ दिनों पहले अपने संक्रमित (Corona Infection in india) होने को लेकर कई लोगों ने चिंतित नजर आए थे और 31 मार्च के बाद से एक प्रवृत्ति सामने आई जिसके तहत लोगों को लगा कि उनके खुद के या परिवार के किसी सदस्य के वास्तव में महामारी से संक्रमित होने की आशंका है।

कोरोनावायरस की चपेट (Corona Infection in india in hindi) में आने की यह प्रवृत्ति लोगों में 31 मार्च से लेकर 30 मई तक और भी ज्यादा देखी गई। जून में देश में कोरोनावायरस के मामलों में प्रतिदिन के हिसाब से जब ज्यादा उछाल देखा गया तो लोगों में संक्रमण का खतरा और भी बढ़ गया। सर्वेक्षण से पता चलता है कि जुलाई में कई लोग इस बात से चिंतित नजर आए कि उनके परिवार के किसी न किसी सदस्य में इससे संक्रमित होने की आशंका है।

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