डब्ल्यूएचओ की चेतावनी, गरीब देशों की उपेक्षा करके अमीर देश कोरोना से सुरक्षित रहने की ना करें उम्मीद

डब्लूएचओ के महानिदेशक ट्रेडोस अधनोम गेब्रेयसस ने कहा कि वैक्सीन पर राष्ट्रवाद अच्छा नहीं है। यह दुनिया की मदद नहीं करेगा। दुनिया के लिए तेजी से ठीक होने के लिए, इसे एक साथ ठीक होना होगा, क्योंकि यह एक वैश्वीकृत दुनिया है। दुनिया के सिर्फ कुछ हिस्से या सिर्फ कुछ देश कोरोना से सुरक्षित या ठीक नहीं हो सकते।

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Written By: Anshumala | Updated : August 8, 2020 1:13 PM IST

Corona and Vaccine: विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने वैक्सीन पर राष्ट्रवाद के खिलाफ (nationalism on corona vaccine) चेतावनी दी है। उन्होंने अमीर देशों को आगाह करते हुए कहा कि यदि वे खुद के लोगों के उपचार में लगे रहते हैं और अगर गरीब देश बीमारी की जद में हैं, तो वे सुरक्षित रहने की उम्मीद नहीं कर सकते हैं। डब्लूएचओ के महानिदेशक ट्रेडोस अधनोम गेब्रेयसस के अनुसार, यह अमीर देशों के हित में होगा कि वे हर देश को बीमारी से बचाने में मदद करें।

वैक्सीन पर राष्ट्रवाद अच्छा नहीं

गार्डियन के अनुसार, ट्रेडोस ने कहा कि वैक्सीन पर राष्ट्रवाद अच्छा नहीं है, यह दुनिया की मदद नहीं करेगा। ट्रेडोस ने जिनेवा में डब्ल्यूएचओ के मुख्यालय से वीडियो-लिंक के माध्यम से अमेरिका में एस्पन सिक्योरिटी फोरम को बताया, "दुनिया के लिए तेजी से ठीक होने के लिए, इसे एक साथ ठीक होना होगा, क्योंकि यह एक वैश्वीकृत दुनिया (Globalized world) है। सभी की अर्थव्यवस्थाएं आपस में जुड़ी हुई हैं। दुनिया के सिर्फ कुछ हिस्से या सिर्फ कुछ देश सुरक्षित या ठीक (Corona and Vaccine in hindi) नहीं हो सकते।"

कोरोना को हराने के लिए अमीर देशों को प्रतिबद्ध होना होगा

उन्होंने यह भी कहा कि कोविड-19 तब कम हो सकता है, जब वे देश जिसके पास धन है, वे इससे निपटने के लिए प्रतिबद्ध हों। रिपोर्ट के अनुसार, कई देश कोरोनोवायरस के लिए वैक्सीन (Corona in hindi) खोजने की दौड़ में हैं। इस बीमारी से वैश्विक स्तर पर 7,00,000 से अधिक लोग मारे गए हैं।

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