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Written By: Anshumala | Updated : June 22, 2020 3:19 PM IST
Vaccination is necessary for the better health of the child and the mother. Getting an MMR vaccine to prevent diseases like measles, mumps, and rubella is best.
Corona & MMR Vaccine : हाल ही में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है कि कोविड-19 के लक्षणों (Covid-19 symptoms) से बचने के लिए एमएमआर (MMR Vaccine) जैसे खसरा, गलसुआ या मम्प्स, रूबेला (measles, mumps, rubella) वैक्सीन लेने से कोरोनावायरस संक्रमण से होने वाले सेप्टिक सूजन (septic inflammation) को कम किया जा सकता है।
अमेरिकन सोसायटी फॉर माइक्रोबायोलॉजी की एक पत्रिका mBio में प्रकाशित एक पेपर में विशेषज्ञों ने कहा है कि जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली (immune-competent individuals) ठीक होती है, उन्हें लेकर उतनी चिंता नहीं है, लेकिन हेल्थ केयर वर्कर्स के लिए विशेष रूप से एमएमआर टीकाकरण (Corona & MMR Vaccine) प्रभावी साबित हो सकता है, क्योंकि ये लोग आसानी से कोविड-19 से संक्रमित हो सकते हैं। हालांकि, मजबूत इम्यूनिटी वाले भी इस वैक्सीन को ले सकते हैं।
लुइसियाना स्टेट हेल्थ स्कूल के रिसर्च एसोसिएट डीन डॉ. पॉल फिडेल के अनुसार, 'उच्च जोखिम वाली आबादी में एमएमआर के साथ एक क्लिनिकल ट्रायल में पता चला है कि यह वैक्सीन कोविड-19 महामारी के दौरान लोगों की जान बचाने में कम जोखिम के साथ रोकथाम बचाव के उपाय में काम आ सकता है।'
फिडेल ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि एमएमआर वैक्सीन (Corona & MMR Vaccine ) लगने से किसी को कोई समस्या होने वाली है। यह वैक्सीन आपको खसरा, मंप्स और रूबेला से तो बचाएगी ही साथ ही काफी हद तक कोविड-19 में भी लाभदायक साबित हो सकती है।
यूएसएस रूजवेल्ट पर 955 नाविकों में कोरोना के लक्षण देखे गए थे और बाद में कोविड-19 टेस्ट करने पर सभी का रिजल्ट पॉजिटिव आया था, जिसमें से सिर्फ एक को ही अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ी थी। ऐसा इसलिए संभव हुआ क्योंकि एमएमआर का टीकाकरण सभी अमेरिकी नौसैनिकों को दिया जाता है।
इसके अलावा, महामारी विज्ञान के आंकड़ों (epidemiological data) पर नजर डालें तो उन भौगोलिक स्थानों में रहने वाले लोगों के बीच कोविड-19 से होने वाली मृत्यु दर और एमएमआर वैक्सीन के बीच संबंध देखा गया है। इसके अनुसार, जो लोग नियमित रूप से MMR वैक्सीन लेते हैं, उनमें कोरोना के कारण हुई मृत्यु का दर काफी कम पाया गया है।
अब तक कोरोनाका बच्चों पर बहुत अधिक प्रभाव नहीं पड़ा है और शोधकर्ता इस बात की परिकल्पना करते हुए कहते हैं कि बच्चे इसलिए भी सेप्सिस को बढ़ाने वाले वायरल इंफेक्शन से बचे रहते हैं, क्योंकि उन्हें जल्दी-जल्दी लाइव एटिन्यूएटेड वैक्सीन (live attenuated vaccines) दी जाती है, जो ट्रेंड सप्रेसिव एमडीएससी (MDSC) को प्रेरित करने के साथ ही सूजन और सेप्सिस को भी कम करता है।
शोधकर्ताओं ने परीक्षण करने के लिए एक क्लिनिकल ट्रायल का प्रस्ताव दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या एमएमआर (MMR) वैक्सीन COVID-19 से इंसानों की रक्षा कर सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी सुझाव दिया है कि नर्सिंग होम या हॉस्पिटल में मौजूद सभी वयस्कों, विशेष रूप से स्वास्थ्य देखभाल कर्मचारियों (Health care workers) को MMR वैक्सीन जरूर दी जाए।
एमएमआर टीका बच्चों को जन्म के बाद दिया जाता है। यह एक बेहद ही आवश्यक टीकाकरण है, जो बच्चों को खसरा, गलसुआ, रूबेला से बचाती है। ये तीनों रोग बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।
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