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Written By: Anshumala | Updated : August 31, 2020 8:47 PM IST
COVID-19 is can affect multiple organs, including your heart, lungs and kidney.
Corona and Heart Disease: कोरोनावायरस (Coronavirus) फेफडों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही हार्ट को भी नुकसान पहुंचा रहा है। ऐसे में जो लोग हार्ट डिजीज से पीड़ित है, उनके लिए खतरा अधिक है। कई सबूतों से पता चला है कि 5 में से 1 संक्रमित मरीज में हार्ट की बीमारी (Heart Disease) के संकेत मिले हैं। यदि किसी को हृदय रोग (Corona and Heart Disease) है, तो उन्हें अपनी लाइफस्टाइल पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि उनका इम्यूनोलॉजिकल रिस्पॉन्स बहुत कमजोर होता है और उनके शरीर में इंफ्लेमेटरी साइटोकिन्स होता है।
पारस हॉस्पिटल (गुरुग्राम) के एसोसिएट डायरेक्टर और कार्डियोलॉजी के यूनिट हेड डॉ. अमित भूषण शर्मा कहते हैं कि जिन लोगों को नॉन कम्युनिकेबल बीमारी (Non Communicable disease) जैसे हाइपरटेंशन, डायबिटीज और हार्ट से संबंधित बीमारियां होती हैं, उनमे इंफेक्शन से संक्रमित होने की संभावना 10 गुना ज्यादा होती है। उनकी मृत्यु दर नॉन-एनसीडी मरीजों के मुकाबले 30% ज्यादा होती है। नॉन-एनसीडी मरीजों में मृत्यु दर 2% होती है। साइटोकिन्स सेल सिग्नलिंग में जरूरी होता है, जो छोटे प्रोटीन्स की एक विस्तृत और लूज कैटेगरी होती है। इससे फेफड़ों का इन्फेक्शन, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (ARDS) होता है। जिन लोगों में यह बीमारी होती है, उनकी मृत्यु कोरोनोवायरस से संक्रमित होने पर जल्दी होती है।
अगर एक हार्ट के मरीज को डायबिटीज और हाइपरटेंशन सहित अन्य को-मोर्बिलिटीज होती हैं, तो उनमे साइटोकिन्स का असामान्य स्राव (सेक्रेशन) जैसे TNFα और इंटरल्यूकिन होता है, उनमे इंफ्लेमेटरी रिस्पॉन्स बढ़ जाता है, जिसकी वजह से कोविड- 19 से संक्रमित व्यक्ति को कई गंभीर परेशानियों से गुजरना पड़ता है। अगर मरीज वेंटिलेटर पर हो, तो उसकी मृत्यु दर 80% तक बढ़ जाती है। इसलिए, शुगर का सही तरीके से कंट्रोल, पर्याप्त हाइपरटेंशन मैनेजमेंट, वजन कंट्रोल और हेल्दी लाइफस्टाइल साधारण कोरोना संक्रमण से लेकर हाई-रिस्क कोरोना केसेज तक को रोकने में मदद करता है।