Corbevax वैक्सीन को प्रिकॉशन डोज के तौर पर मिली मंजूरी, Covaxin या Covishield की डोज लेने वालों को भी दी जा सकेगी ये वैक्सीन

आपको बता दें कि, भारत का पहला स्वदेशी रूप से विकसित आरबीडी प्रोटीन सबयूनिट वैक्सीन कॉर्बेवैक्स का उपयोग वर्तमान में कोविड -19 टीकाकरण कार्यक्रम के तहत 12 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को टीका लगाने के लिए किया जा रहा है।

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Written By: Atul Modi | Published : August 10, 2022 1:37 PM IST

सरकार ने बायोलॉजिकल-ई के कॉर्बेवैक्स (Corbevax) को 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए एहतियाती खुराक (प्रिकॉशन डोज) के रूप में मंजूरी दे दी है। जिन्हें कोविशील्ड या कोवैक्सिन का पूर्ण वैक्सीनेशन हुआ है उन्हें भी प्रिकॉशन डोज के तौर पर कॉर्बेवैक्स की डोज दी जा सकेगी।

दरअसल, यह पहली बार है कि देश में एक बूस्टर डोज या प्रिकॉशन डोज की अनुमति दी गई है जो कि कोविड के खिलाफ प्राथमिक टीकाकरण के लिए इस्तेमाल की जाने वाली खुराक से अलग है।

पीटीआई द्वारा चलाई जा रही खबरों के मुताबिक, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की मंजूरी टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) के कोविड-19 वर्किंग ग्रुप द्वारा हाल ही में की गई सिफारिशों पर आधारित है।

कॉर्बेवैक्स को 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए कोवैक्सिन या कोविशील्ड वैक्सीन की दूसरी खुराक के प्रशासन की तारीख से छह महीने या 26 सप्ताह के पूरा होने के बाद प्रिकॉशन डोज के रूप में माना जाएगा, जो कॉर्बेवैक्स को एक विषम कोविड-19 वैक्सीन के रूप में उपयोग करने में सक्षम बनाता है।

आपको बता दें कि, भारत का पहला स्वदेशी रूप से विकसित आरबीडी प्रोटीन सबयूनिट वैक्सीन कॉर्बेवैक्स का उपयोग वर्तमान में कोविड -19 टीकाकरण कार्यक्रम के तहत 12 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को टीका लगाने के लिए किया जा रहा है।

इस बीच, भारत ने बुधवार को पिछले 24 घंटों में 16,047 नए कोविड-19 मामले दर्ज किए। इसी दौरान 54 अतिरिक्त मौतें हुईं, जिससे देशभर में मरने वालों की संख्या 5,26,826 हो गई।

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