चीनी शोधकर्ताओं का दावा, टॉयलेट सीट फैला सकता है कोरोनावायरस, फ्लश करने से पहले रखें इस बात का ख्याल

चीन के येंगझाउ यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने सलाह दी है कि टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद फ्लश करने से पहले टॉयलेट सीट को जरूर ढंक दें। चीनी शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि मानव पाचन तंत्र में कोरोनावायरस काफी लंबे समय तक जीवित रह सकता है और मल के जरिए यह बाहर निकल सकता है।

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Written By: Kishori Mishra | Updated : May 4, 2021 5:33 PM IST

Coconavirus and Toilet Flush : कोरोनावायरस से बचने के लिए कई सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है। इस बीच एक नया शोध  हुआ है। इस शोध के अनुसार, टॉयलेट में फ्लश (Coconavirus and Toilet Flush) करने से भी कोरोनावायरस बढ़ने की संभावना होती है। ऐसे में सलाह दी जा रही है कि टॉयलेट में फ्लश करने से पहले उसका सीट कवर ढक दें।

फ्लश करने से पहले टॉयलेट सीट को जरूर ढक दें

चीन के येंगझाउ यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने सलाह दी है कि टॉयलेट यूज करने के बाद फ्लश करने से पहले टॉयलेट सीट को ढक दें। चीनी शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि मानव पाचन तंत्र में कोरोनावायरस काफी लंबे समय तक जीवित रह सकता है और मल के जरिए यह बाहर निकल सकता है। इनके मुताबिक, कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों में ठीक होने के बाद भी पांच सप्ताह तक कोरोनावायरस जिंदा रह सकते हैं।

फ्लश करते समय कोरोनावायरस के कण फैल सकते हैं हवा में 

रिसर्च के शोधकर्ताओं का कहना है कि जब टॉयलेट में फ्लश (Coconavirus and Toilet Flush) करते हैं, तो कोरोनावायरस के कण हवा में फैल जाते हैं और यह पूरे वातारण को संक्रमति कर सकते हैं। इस कारण टॉयलेट का इस्तेमाल करने के बाद इसके सीट को ढंककर फ्लश करना चाहिए। ठीक हुए मरीजों में 5 सप्ताह तक कोरोनावायरस के कण मल में जिंदा रहते हैं, इसी आधार पर शोधकर्ताओं ने टॉयलेट सीट ढंककर फ्लश करने की सलाह दी है। यह रिसर्च  फिजिक्स ऑफ फ्लुइड्स नामक जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

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रिसर्च में कहा गया है कि टॉयलेट सीट से कोरोनावायरस के कण निकलकर बाथरूम के वातारवरण को संक्रमित कर सकते हैं। यह कण एक मिनट से अधिक हवा में रह सकते हैं। ऐसे में इस हवा के संपर्क में आया व्यक्ति कोरोनावायरस से संक्रमित हो सकता है।

और क्या कहा गया रिसर्च में?

रिसर्च में देखा गया है कि फ्लश करने पर पानी के बहाव के कारण कोरोनावायरस के कण पानी से 3 फीट ऊंचाई तक पहुंच सकते हैं। इसके कारण यह कण हवा में जाकर मिल जाते हैं। अगर सीट को कवर करके फ्लश किया गया, तो संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। इस बारे में शोधकर्ता जी-शियांग वैंग ने कहा है कि जहां पर टॉयलेट का अधिक इस्तेमाल होता है, वहां कोरोनावायरस फैलने का खतरा अधिक होता है। खासकर ऐसे घरों में जहां एक साथ ज्यादा सदस्य रहते हैं।

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